उत्तर प्रदेश में किसानों के लिए नई उम्मीद: माइक्रो इरिगेशन क्रांति
उत्तर प्रदेश सरकार किसानों की आय दोगुनी करने और जल संरक्षण को बढ़ावा देने के अपने संकल्प को साकार करने में जुट गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के तहत गोरखपुर और संत कबीरनगर जिलों को माइक्रो इरिगेशन के क्षेत्र में सबसे पहले चिन्हित किया गया है। केंद्र सरकार की MCADWM (Micro Irrigation Cluster Area Development and Water Management) योजना के तहत यहां 6 पायलट परियोजनाओं की रूपरेखा तैयार हो चुकी है। ये परियोजनाएं पाइप्ड प्रेशराइज्ड इरिगेशन नेटवर्क (PPIN) पर आधारित हैं, जो ड्रिप और स्प्रिंकलर सिस्टम के माध्यम से कम पानी में अधिकतम पैदावार सुनिश्चित करेंगी।
परियोजनाओं का पूरा विवरण और कवरेज
ये 6 माइक्रो इरिगेशन क्लस्टर परियोजनाएं कुल 2149 हेक्टेयर कृषि योग्य क्षेत्र (Culturable Command Area – CCA) को कवर करेंगी। इससे हजारों किसान परिवार सीधे लाभान्वित होंगे। शामिल क्लस्टर इस प्रकार हैं:
- गोरखपुर जिले में – बांसगांव, मलांव, मझगवां, राजधनी, बरगदवां और जंगल गौरी-1
- संत कबीरनगर जिले में – प्रजापतिपुर क्लस्टर
इनमें से 4 परियोजनाओं की डीपीआर (Detailed Project Report) फाइनल हो चुकी है, जबकि शेष 2 पर कमांड एरिया का अंतिम मूल्यांकन और सर्वेक्षण कार्य तेजी से चल रहा है। केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयास से स्वीकृति मिलते ही फरवरी 2026 तक इन परियोजनाओं का संचालन शुरू हो जाएगा।
माइक्रो इरिगेशन से किसानों को क्या मिलेगा लाभ?
ये परियोजनाएं पारंपरिक बाढ़ सिंचाई के मुकाबले कई गुना बेहतर हैं। मुख्य लाभ निम्नलिखित हैं:
- जल संरक्षण – पानी की बचत 50-70% तक
- बढ़ती पैदावार – फसल उत्पादन में 30-50% की वृद्धि
- बेहतर गुणवत्ता – फसलों में पोषक तत्वों का सही वितरण
- खर्च में कमी – बिजली, उर्वरक और श्रम लागत में बचत
- आय में वृद्धि – कम पानी और अधिक फसल से किसानों की आय दोगुनी होने की संभावना
योगी सरकार का यह कदम ‘हर खेत को पानी’ और ‘दोगुनी किसान आय’ के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। पूर्वांचल के इन जिलों में जहां पानी की कमी और अनियमित सिंचाई एक बड़ी समस्या रही है, वहां ये परियोजनाएं खेती की तस्वीर पूरी तरह बदल देंगी।
सरकार की तैयारी और समयसीमा
प्रदेश सरकार ने इन परियोजनाओं को प्राथमिकता पर रखा है। डीपीआर फाइनल होने के बाद टेंडर प्रक्रिया और निर्माण कार्य तेजी से शुरू होंगे। फरवरी 2026 तक पहली परियोजनाओं का संचालन शुरू होने से किसान रबी फसल के मौसम में ही इसका लाभ उठा सकेंगे। केंद्र सरकार की MCADWM योजना के तहत 100% फंडिंग और तकनीकी सहायता उपलब्ध है, जिससे कार्य में कोई विलंब नहीं होगा।
निष्कर्ष: पूर्वांचल में खेती का नया दौर
गोरखपुर और संत कबीरनगर के किसानों के लिए यह खबर खुशी का संदेश है।
6 माइक्रो इरिगेशन पायलट परियोजनाएं न केवल जल संरक्षण करेंगी,
बल्कि किसानों की आय बढ़ाने, फसल उत्पादकता में सुधार और खेती को आधुनिक बनाने में
महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। योगी सरकार का
यह प्रयास पूर्वांचल के किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है।