यूपी में घने कोहरे का कहर: बच्ची समेत 7 लोगों की मौत, 10 से ज्यादा जिलों में वाहन भिड़े, दर्जनों घायल

उत्तर प्रदेश में जनवरी 2026 की शुरुआत में घना कोहरा ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। सुबह के समय दृश्यता शून्य से 50 मीटर तक सिमट जाने से सड़कों पर बड़े हादसे हो रहे हैं। हाल के दिनों में कोहरे के कारण कई जिलों में एक के बाद एक वाहन टकराने की घटनाएं सामने आई हैं, जिसमें बच्ची समेत कम से कम 7 लोगों की मौत हो गई है और 40 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

कोहरे ने मचाया तांडव, कई जिलों में जीरो विजिबिलिटी

प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों में घना कोहरा छाया हुआ है। अमरोहा, संभल, आगरा, मुरादाबाद, हाथरस, बरेली, गोरखपुर और वाराणसी जैसे 10 से ज्यादा जिलों में सड़क हादसे रिपोर्ट हुए हैं। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, न्यूनतम तापमान कई जगहों पर 4-7 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है, जिससे कोहरा और गहरा हो रहा है।

हाल ही में अमरोहा के नेशनल हाईवे-9 पर 18 वाहनों की चेन रिएक्शन टक्कर हुई, जिसमें 10 से ज्यादा लोग घायल हुए। इसी तरह अन्य जिलों में ट्रक, कार, बाइक और बसों के बीच टक्करें हुईं। एक हादसे में परिवार की 10 साल की बच्ची सहित माता-पिता की मौत हो गई, जबकि अन्य घटनाओं में बच्चे और वयस्क गंभीर जख्मी हुए।

हादसों की वजह और बढ़ता खतरा

घने कोहरे में दृश्यता बेहद कम होने से ड्राइवरों को आगे चल रहे वाहनों का अंदाजा नहीं लग पाता। अचानक ब्रेक लगाने या स्पीड कम न करने से एक के बाद एक टक्करें हो जाती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि:

  • हाई-बीम लाइट का इस्तेमाल न करें, क्योंकि यह कोहरे में और ज्यादा परावर्तन करता है।
  • फॉग लाइट और लो-बीम का उपयोग करें।
  • स्पीड 30-40 किमी/घंटा से ज्यादा न रखें।
  • सुरक्षित दूरी बनाए रखें और अनावश्यक यात्रा टालें।

पुलिस और प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। कई जगहों पर ट्रैफिक जाम और रेल/फ्लाइट देरी भी रिपोर्ट हुई है।

सड़क सुरक्षा के लिए जरूरी सावधानियां

उत्तर प्रदेश में सर्दियों के मौसम में कोहरा हर साल सड़क हादसों का बड़ा कारण बनता है। पिछले कुछ सालों के आंकड़ों से पता चलता है कि घने कोहरे में चेन रिएक्शन हादसे सबसे ज्यादा जानलेवा साबित होते हैं।

  • हमेशा सीट बेल्ट लगाएं।
  • बच्चों को पीछे की सीट पर बिठाएं और बच्चे की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
  • मोबाइल फोन का इस्तेमाल ड्राइविंग के दौरान न करें।
  • अगर विजिबिलिटी बहुत कम हो तो सड़क किनारे सुरक्षित जगह पर रुकें।

निष्कर्ष: सतर्कता ही बचाव है

घने कोहरे का यह कहर बताता है कि मौसम की मार से बचने के लिए

सतर्कता और जागरूकता बहुत जरूरी है।

उत्तर प्रदेश सरकार और ट्रैफिक पुलिस लगातार

अलर्ट जारी कर रही है, लेकिन नागरिकों की जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।

अगर आप सड़क पर हैं तो सुरक्षा पहले का सिद्धांत अपनाएं।

परिवार के साथ सुरक्षित यात्रा करें और कोहरे में अनावश्यक जोखिम न लें।