उत्तर प्रदेश में बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने और सस्ती, विश्वसनीय बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। अदाणी ग्रुप मिर्जापुर जिले के ददरी खुर्द गांव में 1500 MW (2×800 MW) क्षमता का अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल कोयला आधारित थर्मल पावर प्लांट स्थापित कर रहा है। यह यूपी का सबसे बड़ा निजी थर्मल पावर प्रोजेक्ट होगा, जो राज्य की ऊर्जा जरूरतों को मजबूत करेगा। यूपी इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (UPERC) ने पावर सप्लाई एग्रीमेंट (PSA) को मंजूरी दे दी है, जिसमें बिडिंग के जरिए 5.38 रुपये प्रति यूनिट की दर तय हुई है। यह 25 साल का लॉन्ग-टर्म एग्रीमेंट है, जो यूपी को सस्ती बिजली देगा। अगर आप “मिर्जापुर अदाणी थर्मल प्लांट” या “Adani Mirzapur 1500 MW power plant UP” सर्च कर रहे हैं, तो यह ब्लॉग पूरी जानकारी देगा।
प्रोजेक्ट की मुख्य विशेषताएं और महत्व
यह ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट अदाणी पावर लिमिटेड की सब्सिडियरी मिर्जापुर थर्मल एनर्जी (यूपी) प्राइवेट लिमिटेड द्वारा विकसित किया जा रहा है। कुल क्षमता 1600 MW (ग्रॉस) होगी, जिसमें से 1500 MW नेट यूपी पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) को सप्लाई होगी। प्लांट अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल टेक्नोलॉजी पर आधारित होगा, जो अधिक कुशल है और उत्सर्जन कम करता है। अनुमानित निवेश लगभग 14,000 करोड़ रुपये (या $2 बिलियन) है।
उत्तर प्रदेश में औद्योगिकीकरण, शहरीकरण और आधुनिकीकरण के कारण 2033-34 तक थर्मल पावर की मांग में 11,000 MW की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। यह प्रोजेक्ट इसी गैप को भरने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। प्लांट 2030-31 तक चालू हो जाएगा और 25 साल तक यूपी को बिजली सप्लाई करेगा।
टैरिफ और एग्रीमेंट की डिटेल्स
बिडिंग प्रक्रिया में अदाणी पावर ने सबसे कम बोली लगाई, जिसमें फिक्स्ड चार्ज 3.727 रुपये और फ्यूल चार्ज 1.656 रुपये प्रति यूनिट शामिल है। कुल 5.38 रुपये प्रति यूनिट (लेवलाइज्ड टैरिफ) पर PSA हुआ है। यह दर मौजूदा कई प्लांट्स (जैसे जौहरपुर, ओबरा, घटमपुर) से सस्ती है, जहां टैरिफ 6.60 से 9 रुपये तक है।
यूपी कैबिनेट ने मई 2025 में प्रोजेक्ट को मंजूरी दी, और मई 2025 में PSA साइन हुआ।
जनवरी 2026 में UPERC ने इसे फाइनल अप्रूवल दिया।
यह DBFOO (Design, Build, Finance, Own & Operate) मॉडल पर आधारित है।
लाभ: यूपी के लिए क्या फायदे?
- सस्ती और स्थिर बिजली: 25 साल तक फिक्स्ड टैरिफ से बिजली दरों में स्थिरता आएगी।
- रोजगार सृजन: निर्माण चरण में 8,000-9,000 और ऑपरेशन में 2,000 से अधिक स्थायी नौकरियां।
- औद्योगिक विकास: मिर्जापुर और आसपास के इलाकों में इंडस्ट्री बढ़ेगी, स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
- ऊर्जा सुरक्षा: राज्य को भविष्य की मांग पूरी करने में मदद मिलेगी, जबकि रिन्यूएबल एनर्जी के साथ बैलेंस बनेगा।
चुनौतियां और पर्यावरणीय पहलू
प्रोजेक्ट को एनवायरनमेंटल क्लीयरेंस और अन्य अप्रूवल्स की जरूरत है।
कुछ रिपोर्ट्स में वन क्षेत्र और वन्यजीव प्रभाव की चिंताएं उठी हैं,
लेकिन कंपनी ने कहा है कि कोई फॉरेस्ट लैंड नहीं है।
प्रोजेक्ट अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल होने से उत्सर्जन कम होगा।
यह परियोजना यूपी को ऊर्जा क्रांति की ओर ले जाएगी