सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में Twitter) 17 जनवरी 2026 को फिर से एक बड़े आउटेज का सामना कर रहा है। यह सप्ताह में दूसरी बार हुआ है जब प्लेटफॉर्म व्यापक रूप से ठप रहा, जिससे दुनियाभर में लाखों उपयोगकर्ता प्रभावित हुए हैं और भारत से भी 6000 से अधिक शिकायतें दर्ज की गईं। डाउनडिटेक्टर जैसी आउटेज ट्रैकिंग साइटों पर रिपोर्ट्स रात 8:46 बजे (IST) के आसपास अपने पीक पर पहुँचीं, जो इस तकनीकी समस्या की गंभीरता को दर्शाती हैं।
X (पूर्व Twitter) आऊटेज — क्या हुआ?
आज हुई समस्या का असर प्लेटफॉर्म पर मोबाइल ऐप और वेबसाइट दोनों पर महसूस किया गया। कई उपयोगकर्ताओं ने कहा कि ऐप खुलता तो है, लेकिन कंटेंट लोड नहीं होता या फ़ीड खाली दिखाई देती है। ब्राउज़र पर “Something went wrong” या Cloudflare संबंधित त्रुटि संदेश दिखे, जिनसे यह संकेत मिलता है कि समस्या X के सर्वर साइड पर थी — यानी वेबसाइट तक पहुंच बनाने में बैकएंड सिस्टम में खराबी आ गई थी।
DownDetector पर दर्ज आंकड़ों के अनुसार, वैश्विक स्तर पर 77,000+ शिकायतें रिकॉर्ड की गईं, जिनमें से भारत से 6,000+ शिकायतें थीं। यह संख्या वास्तविक प्रभावित उपयोगकर्ताओं से कहीं अधिक होने की संभावना जताई गई है, क्योंकि DownDetector उन उपयोगकर्ताओं की समस्याएँ दर्ज करता है जो स्वयं रिपोर्ट भेजते हैं।
पहले भी दोबारा समस्या
यह आउटेज इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह एक ही सप्ताह में दूसरी बार हुआ है। इससे पहले प्लेटफॉर्म मंगलवार को भी तकनीकी समस्या के कारण ठप हुआ था, जिसमें यूज़र्स को ऐप और वेबसाइट तक पहुंचने में कठिनाइयाँ आई थीं। लगातार दो आउटेज ने प्लेटफॉर्म की स्थिरता और विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं।
क्यों हो रहा है यह आउटेज? (किसी आधिकारिक कारण का अभाव)
अब तक X ने इस बारे में कोई आधिकारिक बयान नहीं जारी किया है कि आज का आउटेज क्यों हुआ और कब पूरा समाधान आएगा। हालांकि तकनीकी विशेषज्ञों और आउटेज रिपोर्ट्स से यह पता चलता है कि यह समस्या बैकएंड इन्फ्रास्ट्रक्चर या सर्वर कनेक्टिविटी से जुड़ी हो सकती है — यानी डेटा सेंटर या सर्वर लेवल पर कोई गड़बड़ी हुई है।
कई उपयोगकर्ताओं ने देखा कि Cloudflare, जो कि कंटेंट डिलीवरी और सुरक्षा प्रदान करने वाली सेवा है, तो खुद सामान्य रूप से काम कर रहा था, लेकिन यह X के सर्वर तक कनेक्ट नहीं कर पा रहा था, जिससे “504” या “522” जैसे कनेक्शन टाइमआउट एरर दिख रहे थे। इससे समस्या प्लेटफॉर्म के अपने सिस्टम की ओर संकेत करती है।
कुछ तकनीकी विश्लेषकों ने यह भी सुझाव दिया है कि आउटेज कभी-कभी बैकएंड सर्वर लोड, ट्रैफिक स्पाइक्स, या बड़ी संख्या में अनुरोधों का सामना करने जैसी वजहों से हो सकती है — हालाँकि इसके पीछे कोई सरकारी या साइबर हमले जैसे कारण की पुष्टि नहीं हुई है।
दुनियाभर और भारत में प्रभाव
इस आउटेज का असर सिर्फ भारत पर ही नहीं पड़ा बल्कि अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम,
कनाडा आदि देशों में भी हजारों यूजरों ने समस्याओं की रिपोर्ट की।
यूज़र्स ने अपने टाइमलाइन लोड न होने, फ़ीड फ्रीज़ होने, पोस्ट नहीं दिखने जैसी परेशानियाँ दर्ज की।
भारत में बड़ी-बड़ी शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और कोलकाता से भी
शिकायतें आईं कि प्लेटफॉर्म पर फीड अपडेट नहीं हो रहा,
पोस्ट नहीं दिख रही और कई बार ऐप और वेबसाइट दोनों ही काम नहीं कर रहे थे।
उपयोगकर्ता प्रतिक्रिया और चर्चा
सोशल मीडिया पर यूज़र्स ने अपनी नाराज़गी जताई और कई दूसरे
प्लेटफार्मों पर इस आउटेज की चर्चा तेज़ी से वायरल हुई।
कुछ लोग तकनीकी स्थिरता पर सवाल उठा रहे हैं,
जबकि अन्य ने थोड़ी राहत जताई कि यह समस्या थोड़ी देर में हल हो सकती है।
यह आउटेज यह भी दिखाता है कि डिजिटल दुनिया में हमारी निर्भरता कितनी अधिक हो चली है —
जब एक बड़ा प्लेटफॉर्म ठप हो जाता है, तो जानकारी,
कनेक्टिविटी और संवाद की एक बड़ी खिड़की अचानक बंद हो जाती है।
निष्कर्ष
17 जनवरी 2026 का X आउटेज एक बार फिर यह याद दिलाता है कि
तकनीकी प्लेटफॉर्म भी मानवीय और प्रणालीगत कारणों से समस्याओं का सामना कर सकते हैं।
लाखों उपयोगकर्ताओं ने रिपोर्ट किया कि वे कंटेंट तक नहीं पहुँच पा रहे थे और
भारत में 6000+ लोगों ने शिकायतें दर्ज कराईं।
अभी तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं आया है, लेकिन यह स्पष्ट है कि समस्या
X के बैकएंड सिस्टम या सर्वर कनेक्टिविटी से जुड़ी थी, न कि उपयोगकर्ताओं के डिवाइस या इंटरनेट कनेक्शन से।