पडरौना निबंधन कार्यालय
कुशीनगर जिले के पडरौना निबंधन कार्यालय में 16 जनवरी 2026 की सुबह बड़ा छापा पड़ा। आयकर विभाग की टीम ने कार्यालय पर अचानक सर्वे शुरू किया, जिसका मुख्य उद्देश्य बिना पैन कार्ड के हुई संपत्ति रजिस्ट्री की जांच करना है। विशेष रूप से 30 लाख रुपये से अधिक मूल्य की संपत्तियों की रजिस्ट्री में पैन की जानकारी छिपाने या गलत/नकली पैन इस्तेमाल करने के मामलों पर विभाग की सख्त नजर है। यह कार्रवाई कर चोरी, काले धन को सफेद करने और बेनामी लेन-देन पर रोक लगाने के लिए शुरू की गई है।
सर्वे की शुरुआत और टीम की मौजूदगी
सर्वे की कार्रवाई सुबह करीब 11:30 बजे शुरू हुई। आयकर विभाग की टीम ने पडरौना तहसील परिसर स्थित निबंधन कार्यालय में पहुंचकर सभी रजिस्ट्री फाइलों, कंप्यूटर रिकॉर्ड, रजिस्टर और संबंधित दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी। टीम ने कार्यालय के सभी कर्मचारियों से पूछताछ की और पिछले 2-3 वर्षों की हाई-वैल्यू रजिस्ट्री की लिस्ट मंगवाई। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, विभाग को पहले से ही कई शिकायतें मिली थीं कि पडरौना क्षेत्र में बड़ी संख्या में संपत्ति रजिस्ट्री बिना वैध पैन कार्ड के हो रही है।
पैन कार्ड की अनिवार्यता और कानूनी प्रावधान
आयकर विभाग ने स्पष्ट किया कि 30 लाख रुपये से अधिक मूल्य की किसी भी संपत्ति की रजिस्ट्री के लिए पैन कार्ड अनिवार्य है। आयकर अधिनियम की धारा 139A और इनकम टैक्स रूल्स के अनुसार, बिना पैन के रजिस्ट्री करने पर रजिस्ट्रार और खरीदार दोनों पर जुर्माना और कार्रवाई हो सकती है। इसके अलावा, यदि रजिस्ट्री में काला धन निवेश किया गया हो या आय का स्रोत छिपाया गया हो, तो आयकर अधिनियम की धारा 68, 69 और 270A के तहत कड़ी कार्रवाई हो सकती है।
विभाग का मानना है कि पडरौना जैसे सीमावर्ती क्षेत्र में रियल एस्टेट लेन-देन में काले धन का इस्तेमाल आम है, जिसे रोकने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है।
स्थानीय लोगों और रियल एस्टेट कारोबारियों की प्रतिक्रिया
सर्वे की खबर फैलते ही पडरौना में हलचल मच गई।
कई रजिस्ट्री एजेंट और दलालों ने कार्यालय के बाहर जमा होकर स्थिति पर नजर रखी।
कुछ लोगों ने कहा कि छोटे-मोटे लेन-देन में पैन न होने की समस्या आम है,
लेकिन अब विभाग की कार्रवाई से लोग सतर्क हो गए हैं। दूसरी ओर
रियल एस्टेट कारोबारियों का कहना है कि वैध लेन-देन करने वालों को कोई समस्या नहीं होनी चाहिए।
विभाग की आगे की रणनीति
आयकर विभाग ने संकेत दिया है कि पडरौना सर्वे सफल होने पर कुशीनगर के अन्य तहसील कार्यालयों और
आसपास के जिलों में भी इसी तरह के अभियान चलाए जाएंगे। विभाग का लक्ष्य है कि
2026-27 के बजट सत्र से पहले सभी हाई-वैल्यू रजिस्ट्री में पैन और आय स्रोत की जांच अनिवार्य रूप से हो।
यह कार्रवाई एक बार फिर साबित करती है कि केंद्र और राज्य सरकार काले धन पर लगाम लगाने के लिए
सख्त कदम उठा रही है। पडरौना निबंधन कार्यालय में चल रहा
यह सर्वे न सिर्फ स्थानीय स्तर पर, बल्कि पूरे पूर्वांचल में चर्चा का विषय बन गया है।