गंगा एक्सप्रेसवे
उत्तर प्रदेश की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक गंगा एक्सप्रेसवे अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। इस 594 किलोमीटर लंबे 6-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के चालू होने के बाद मेरठ से प्रयागराज का सफर पहले के 12-14 घंटों से घटकर महज 6 से 7 घंटे रह जाएगा। यह परियोजना न केवल यात्रा समय को आधा करेगी, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश की आर्थिक, सामाजिक और पर्यटन तस्वीर को पूरी तरह बदल देगी।
गंगा एक्सप्रेसवे का रूट और प्रमुख विशेषताएं
गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ से शुरू होकर हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़, कासगंज, फर्रुखाबाद, कन्नौज, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ होते हुए प्रयागराज में समाप्त होता है। यह एक्सप्रेसवे गंगा नदी के समानांतर चलता है और कई महत्वपूर्ण शहरों को जोड़ता है।
- लंबाई: 594 किमी
- चौड़ाई: 6 लेन (भविष्य में 8 लेन तक विस्तार योग्य)
- डिजाइन स्पीड: 120 किमी/घंटा
- प्रमुख सुविधाएं: 8 इंटरचेंज, 20+ फ्लाईओवर, 100+ अंडरपास, 30+ टोल प्लाजा, रेस्ट एरिया, ट्रक लेन, इमरजेंसी लेन
- पर्यावरण फोकस: गंगा के किनारे होने के कारण पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान, वृक्षारोपण और ग्रीन कॉरिडोर
यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (UPEIDA) द्वारा बनाया जा रहा है और 2026 के अंत तक पूरी तरह चालू होने की उम्मीद है।
यात्रा समय और लागत में बड़ी कमी
वर्तमान में मेरठ से प्रयागराज जाने में NH-19 और अन्य मार्गों से 12-14 घंटे लगते हैं, जिसमें ट्रैफिक, टोल और ब्रेक के कारण थकान भी ज्यादा होती है। गंगा एक्सप्रेसवे के बाद यह दूरी सिर्फ 6-7 घंटे में तय हो जाएगी। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि ईंधन खर्च में भी 30-40% की कमी आएगी।
आर्थिक और सामाजिक प्रभाव
- उद्योग और निवेश: मेरठ, अलीगढ़, कासगंज, फर्रुखाबाद जैसे औद्योगिक क्षेत्रों को प्रयागराज, वाराणसी और पूर्वांचल से सीधा जुड़ाव मिलेगा। नए लॉजिस्टिक हब, वेयरहाउस और इंडस्ट्रियल पार्क विकसित होंगे।
- पर्यटन बूस्ट: प्रयागराज (कुंभ मेला), अयोध्या, वाराणसी और मथुरा जैसे धार्मिक स्थलों तक पहुंच आसान होगी।
- कृषि और व्यापार: पूर्वांचल के किसानों को दिल्ली-एनसीआर बाजार तक तेजी से पहुंच मिलेगी।
- रोजगार सृजन: निर्माण के दौरान हजारों और संचालन के बाद हजारों स्थायी रोजगार।
चुनौतियां और प्रगति
परियोजना में भूमि अधिग्रहण, पर्यावरण मंजूरी और फंडिंग जैसी चुनौतियां रहीं, लेकिन योगी सरकार ने इसे प्राथमिकता दी। वर्तमान में 85% से ज्यादा काम पूरा हो चुका है और 2026 के अंत तक पूरा होने की संभावना है।
निष्कर्ष: यूपी की नई पहचान
गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश को एक मजबूत और एकीकृत राज्य बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।
मेरठ से प्रयागराज का सफर अब सिर्फ 6-7 घंटे का होगा, जो न केवल यात्रियों के लिए सुविधा है,
बल्कि राज्य की आर्थिक प्रगति का नया अध्याय भी है।
यह एक्सप्रेसवे यूपी की तस्वीर को चमकाने वाला सबसे बड़ा प्रोजेक्ट साबित होगा।
जय गंगा एक्सप्रेसवे! जय उत्तर प्रदेश!