बरेली मंडल के राशनकार्ड धारकों के लिए बड़ी राहत: अगले महीने से गेहूं का कोटा बढ़ेगा, चावल कम होगा

राशन वितरण में बड़ा बदलाव: बरेली मंडल में खुशी की लहर

उत्तर प्रदेश के बरेली मंडल (बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर, पीलीभीत और रामपुर जिले) के लगभग 28 लाख राशनकार्ड धारकों के लिए जनवरी 2026 से एक बड़ी राहत मिलने वाली है। राज्य सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत राशन वितरण के स्केल में संशोधन किया है। अब से गरीब परिवारों को प्रति यूनिट गेहूं का कोटा बढ़ाकर 5 किलो और चावल का कोटा घटाकर 2 किलो मिलेगा।

यह बदलाव खाद्य आदतों और स्थानीय मांग को ध्यान में रखकर किया गया है। बरेली मंडल के अधिकांश ग्रामीण और शहरी गरीब परिवार रोटी-पराठा आधारित भोजन करते हैं, जबकि चावल का इस्तेमाल कम होता है। पिछले कई वर्षों से लाभार्थियों की शिकायत थी कि चावल ज्यादा मिलने से गेहूं की कमी पड़ती है। अब इस समस्या का स्थायी समाधान हो गया है।

नया राशन स्केल क्या है?

  • प्रति यूनिट (व्यक्ति) कोटा (जनवरी 2026 से):
    • गेहूं: 5 किलो (पहले 3 किलो)
    • चावल: 2 किलो (पहले 5 किलो)
    • कुल अनाज: 7 किलो प्रति व्यक्ति प्रति माह (पहले भी 7 किलो था, लेकिन अनुपात बदला गया)
  • दाम: गेहूं ₹2 प्रति किलो, चावल ₹3 प्रति किलो (NFSA के अनुसार कोई बदलाव नहीं)

एक 5 सदस्यीय परिवार को अब हर महीने 25 किलो गेहूं और 10 किलो चावल मिलेगा, जो पहले 15 किलो गेहूं और 25 किलो चावल था। यह बदलाव विशेष रूप से उन परिवारों के लिए फायदेमंद है जो गेहूं से अधिक रोटी बनाते हैं।

बदलाव क्यों जरूरी था?

बरेली मंडल में गेहूं की खपत चावल से लगभग 60-70% ज्यादा है। कई परिवार चावल को बेचकर गेहूं खरीदते थे, जिससे कालाबाजारी और अन्य समस्याएं बढ़ती थीं। खाद्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 2 वर्षों में मंडल में गेहूं की मांग बढ़ी है, जबकि चावल का स्टॉक बाकी रह जाता था। इस बदलाव से:

  • अनाज का बेहतर उपयोग होगा
  • कालाबाजारी पर लगाम लगेगी
  • लाभार्थियों की संतुष्टि बढ़ेगी
  • सरकारी गोदामों में चावल का अतिरिक्त स्टॉक संभाला जा सकेगा

लाभार्थियों की प्रतिक्रिया

बरेली के एक लाभार्थी रामलखन यादव ने कहा, “हमारे घर में 5 लोग हैं। पहले चावल बहुत आता था, लेकिन गेहूं कम। अब 25 किलो गेहूं मिलेगा, बहुत राहत मिलेगी।” वहीं बदायूं की रुक्मणी देवी ने बताया, “चावल हम कम खाते हैं, अब सही अनुपात मिलेगा। सरकार ने हमारी बात सुनी।”

सरकारी तैयारी और समयसीमा

उत्तर प्रदेश खाद्य एवं रसद विभाग ने सभी जिला आपूर्ति अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। जनवरी 2026 से नया स्केल लागू होगा। फेयर प्राइस शॉप (FPS) पर नई सूची और पोस्टर लगाए जाएंगे। लाभार्थियों से अपील की गई है कि वे अपना राशनकार्ड और आधार लिंकिंग चेक करें, ताकि कोई दिक्कत न हो।

निष्कर्ष: गरीबों की थाली में ज्यादा गेहूं

यह बदलाव बरेली मंडल के गरीब परिवारों के लिए एक बड़ी सौगात है।

सरकार ने स्थानीय खाद्य आदतों को सम्मान देते हुए राशन स्केल को और व्यावहारिक बनाया है।

उम्मीद है कि अन्य मंडलों में भी इसी तरह के बदलाव जल्द होंगे।

अब हर महीने राशन की दुकान पर ज्यादा गेहूं और कम चावल – गरीबों की थाली में खुशी का स्वाद बढ़ेगा!

(शब्द संख्या: लगभग 610)

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