15 जनवरी 2026 को मध्य पूर्व में स्थिति बेहद नाजुक हो गई है। ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों, मोसाद पर साजिश के आरोपों और हालिया फांसी की घटनाओं के बाद अमेरिका और इजराइल के साथ तनाव चरम पर पहुंच गया है। ईरानी सेना ने अमेरिकी ठिकानों पर हमले की धमकी दी है, जबकि अमेरिका ने “सभी विकल्प खुले” रखने की बात कही है। इस बीच भारत सरकार ने अपने नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण सलाह जारी की है।
भारत सरकार का अलर्ट: तुरंत ईरान छोड़ें
भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने 15 जनवरी 2026 को एक आपातकालीन एडवाइजरी जारी करते हुए ईरान में मौजूद सभी भारतीय नागरिकों से तुरंत देश छोड़ने की अपील की है। MEA ने कहा, “क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति तेजी से बिगड़ रही है। भारतीय नागरिकों को उपलब्ध सबसे जल्दी उड़ान से ईरान छोड़ना चाहिए।”
यह एडवाइजरी ऐसे समय में आई है जब ईरान के कई शहरों में इंटरनेट ब्लैकआउट, हवाई क्षेत्र में प्रतिबंध और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में कटौती हो रही है। भारत सरकार ने ईरान में भारतीय दूतावास को 24×7 सक्रिय रखा है और भारतीयों से संपर्क करने के लिए हेल्पलाइन नंबर (+98-21-2275-7101) जारी किया है।
ईरानी विदेश मंत्री का जयशंकर से फोन कॉल
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर से टेलीफोन पर बातचीत की। इस कॉल में अराघची ने ईरान की आंतरिक स्थिति, प्रदर्शनों में विदेशी हस्तक्षेप के आरोप और क्षेत्रीय तनाव की जानकारी दी। उन्होंने भारत से “निष्पक्ष रुख” अपनाने और ईरानी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की।
जयशंकर ने भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर जोर देते हुए कहा कि भारत किसी भी तरह के हिंसक संघर्ष से दूर रहना चाहता है। दोनों नेताओं ने बातचीत जारी रखने पर सहमति जताई।
अमेरिका की बड़ी चाल: कतर के अल उदेद बेस से सैनिकों की वापसी
अमेरिका ने कतर में स्थित अल उदेद एयर बेस (मध्य पूर्व में सबसे बड़ा अमेरिकी सैन्य अड्डा) से सैकड़ों सैनिकों और विमानों को हटा लिया है। पेंटागन ने इसे “सुरक्षा मूल्यांकन” बताया है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह ईरान पर संभावित हमले की तैयारी का हिस्सा हो सकता है।
अल उदेद बेस से सैनिक हटाने से ईरान को सीधा संदेश जाता है
कि अमेरिका अब सीधे हमले के लिए तैयार है और अपने
सैनिकों को जोखिम में नहीं डालना चाहता। इस कदम से पूरे खाड़ी क्षेत्र में डर का माहौल है।
सऊदी अरब, UAE और इजराइल भी उच्च सतर्कता पर हैं।
भारतीयों की स्थिति और सलाह
ईरान में लगभग 8,000-10,000 भारतीय नागरिक रहते हैं, जिनमें ज्यादातर छात्र
, व्यापारी और श्रमिक शामिल हैं। तेहरान, मशहद और इस्फहान जैसे
शहरों में भारतीय समुदाय सबसे अधिक प्रभावित है। MEA ने सभी भारतीयों से:
- तुरंत अपना सामान पैक करें
- उपलब्ध फ्लाइट्स से निकलें (दुबई, दोहा या मुंबई रूट)
- ईरानी शहरों में अनावश्यक घूमना बंद करें
- दूतावास के निर्देशों का पालन करें
आगे क्या? युद्ध की आशंका या कूटनीतिक समाधान?
विशेषज्ञों का कहना है कि अगले 48-72 घंटे निर्णायक होंगे। यदि ईरान ने अमेरिकी ठिकानों पर हमला किया
तो पूर्ण युद्ध शुरू हो सकता है। भारत सरकार की यह सलाह सतर्कता का संकेत है।
भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है, और MEA लगातार स्थिति पर नजर रख रहा है।
सभी भारतीयों से अपील है कि वे तुरंत एक्शन लें और सुरक्षित स्थान पर पहुंचें। स्थिति पर नजर बनाए रखें।
