स्मार्ट मीटर स्थापना में ग्रामीणों का कड़ा विरोध
उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर जिले में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है, लेकिन ग्रामीण इलाकों में इसका जबरदस्त विरोध देखने को मिल रहा है। 13 जनवरी 2026 को जिले के धनघटा क्षेत्र के अंतर्गत छितही गांव (बिजली उपकेंद्र हरिहरपुर से जुड़ी ग्राम पंचायत) में बिजली विभाग की टीम स्मार्ट मीटर लगाने पहुंची। लेकिन ग्रामीणों ने एक महीने की मोहलत मांगते हुए टीम को बिना कोई मीटर लगाए वापस लौटने पर मजबूर कर दिया।
ग्रामीणों का मुख्य विरोध इस बात पर है कि स्मार्ट मीटर लगने से बिजली बिल में अचानक वृद्धि हो सकती है। वे पुराने मीटर की रीडिंग और नए मीटर की तुलना करके ही आगे बढ़ना चाहते हैं। कई ग्रामीणों ने कहा कि वे गरीब हैं और बढ़े हुए बिल का बोझ नहीं उठा पाएंगे।
विरोध के कारण और ग्रामीणों की मांग
स्मार्ट मीटर योजना का उद्देश्य बिजली चोरी रोकना, रीडिंग सटीक करना और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा देना है। लेकिन ग्रामीणों में यह भय व्याप्त है कि मीटर ज्यादा यूनिट दिखाएगा या तकनीकी खामी से बिल बढ़ जाएगा। जिले के अन्य इलाकों जैसे अमरडोभा (बखिरा नगर पंचायत) में भी इसी तरह का विरोध हुआ था, जहां समझाइश के बाद 20 घरों में मीटर लगाए गए और एक महीने तक दोनों मीटरों की रीडिंग की तुलना का वादा किया गया।
छितही गांव के निवासियों ने टीम से कहा, “हमें एक महीने का समय दें। पुराने मीटर की रीडिंग देखकर विश्वास हो जाए कि बिल नहीं बढ़ेगा, तब हम मीटर लगवाएंगे।” टीम ने ग्रामीणों की बात मान ली और बिना काम किए वापस लौट गई। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जल्द ही पुलिस की मौजूदगी में अभियान फिर से शुरू किया जाएगा, साथ ही विद्युत चोरी की सघन चेकिंग भी चलेगी।
जिले में स्मार्ट मीटर की स्थिति
संत कबीर नगर में स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य केंद्र सरकार की रिवैंप्ड डिस्ट्रिब्यूशन सेक्टर स्कीम (RDSS) के तहत चल रहा है। जिले के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में हजारों मीटर लगाए जा चुके हैं, लेकिन ग्रामीण इलाकों में विरोध बढ़ रहा है। कुछ जगहों पर उपभोक्ताओं ने सहमति दी है, लेकिन अधिकांश लोग मोहलत मांग रहे हैं।
अधिकारियों का कहना है कि स्मार्ट मीटर से बिजली की खपत पारदर्शी होगी और चोरी पर रोक लगेगी।
लेकिन ग्रामीणों की चिंता जायज है, क्योंकि कई राज्यों में मीटर लगने के बाद बिल बढ़ने की शिकायतें आई हैं।
विभाग ने आश्वासन दिया है कि यदि बिल बढ़ता है तो जांच की जाएगी।
आगे क्या? विभाग की तैयारी
बिजली विभाग ने घोषणा की है कि छितही गांव में सोमवार को पुलिस बल के साथ
स्मार्ट मीटर स्थापना और चेकिंग अभियान फिर से चलेगा। ग्रामीणों से अपील की गई है
कि वे सहयोग करें, अन्यथा कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
यह घटना यूपी में स्मार्ट मीटर योजना के क्रियान्वयन में चुनौतियों को दर्शाती है।
यदि विभाग ग्रामीणों की चिंताओं का समाधान करता है,
तो योजना सफल हो सकती है। अन्यथा विरोध और बढ़ सकता है।
संवाद से समाधान जरूरी
स्मार्ट मीटर आधुनिक तकनीक है, लेकिन लागू करने में जनता की भावनाओं का ध्यान रखना जरूरी है।
संत कबीर नगर जैसे ग्रामीण जिलों में जागरूकता अभियान और पारदर्शिता से ही यह योजना सफल होगी।
ग्रामीणों की एक महीने की मोहलत मांग जायज है, और विभाग को इसे सकारात्मक रूप से लेना चाहिए।