गोरखपुर के कुसम्ही जंगल
कुसम्ही जंगल क्षेत्र में सुरक्षा की नई पहल
गोरखपुर जिले के कुसम्ही जंगल के आसपास बसे गांवों में अब सुरक्षा का नया दौर शुरू होने जा रहा है। पुलिस और वन विभाग की संयुक्त बैठक में फैसला लिया गया है कि इन गांवों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। यह योजना जंगल में हो रही चोरी, लूटपाट, अवैध कटाई और वन्यजीव तस्करी को रोकने के लिए उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है। कुसम्ही जंगल पूर्वांचल का एक प्रमुख वन क्षेत्र है, जहां पिछले कुछ वर्षों में अपराध की घटनाएं बढ़ी हैं। इस पहल से स्थानीय ग्रामीणों में राहत की उम्मीद जगी है।
कुसम्ही जंगल और आसपास के गांवों की स्थिति
कुसम्ही जंगल गोरखपुर से करीब 25-30 किमी दूर स्थित है और यह क्षेत्र घने जंगलों, नदियों और ग्रामीण बस्तियों से घिरा हुआ है। यहां के गांव जैसे कुसम्ही, बेलघट, बरहज, सिसवा, और आसपास के कई छोटे-छोटे गांव जंगल के किनारे बसे हैं। इन इलाकों में रात के समय चोरी, मवेशी चोरी, लकड़ी की अवैध कटाई और कभी-कभी वन्यजीवों की तस्करी की घटनाएं सामने आती रहती हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जंगल में अंधेरा होने के कारण अपराधी आसानी से भाग जाते हैं। सीसीटीवी कैमरे लगने से अपराधियों पर नजर रखना आसान हो जाएगा।
सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना और सुविधाएं
पुलिस और वन विभाग ने संयुक्त रूप से एक विस्तृत योजना तैयार की है। मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
- कवरेज: कुसम्ही जंगल के मुख्य प्रवेश द्वार, जंगल के आसपास के 15-20 प्रमुख गांवों की मुख्य सड़कें, बाजार और ग्राम पंचायत भवन।
- कैमरे की संख्या: पहले चरण में 100+ हाई-रेजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।
- फीचर्स: नाइट विजन, 360 डिग्री रोटेशन, रिमोट मॉनिटरिंग और पुलिस कंट्रोल रूम से जुड़ा सिस्टम।
- पावर बैकअप: सोलर पैनल और बैटरी बैकअप से 24 घंटे काम करने की सुविधा।
- मॉनिटरिंग: गोरखपुर पुलिस कंट्रोल रूम और वन विभाग के ऑफिस से लाइव फुटेज देखी जा सकेगी।
- बजट और समयसीमा: योजना पर लगभग 2-3 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। कार्य मार्च 2026 तक शुरू होकर दिसंबर 2026 तक पूरा होगा।
ग्रामीणों और अधिकारियों की प्रतिक्रिया
स्थानीय ग्रामीणों ने इस योजना का जोरदार स्वागत किया है। एक ग्रामीण ने बताया, “रात में जंगल के पास जाना डरावना था, अब कैमरे लगने से सुरक्षा महसूस होगी।” वहीं पुलिस अधीक्षक ने कहा कि यह पहल न केवल अपराध रोकने में मदद करेगी, बल्कि वन्यजीवों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करेगी। वन विभाग के अधिकारी ने बताया कि जंगल में अवैध कटाई और तस्करी पर लगाम लगाने में सीसीटीवी बहुत प्रभावी साबित होंगे।
फायदे और भविष्य की योजनाएं
सीसीटीवी कैमरे लगने से निम्नलिखित फायदे होंगे:
- अपराधियों की पहचान आसान होगी।
- सबूत के रूप में वीडियो फुटेज उपलब्ध रहेंगे।
- ग्रामीणों में सुरक्षा की भावना बढ़ेगी।
- पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, क्योंकि जंगल क्षेत्र सुरक्षित माना जाएगा।
भविष्य में इस योजना को अन्य जंगलों जैसे जंगल तराई क्षेत्र और अन्य सीमावर्ती गांवों तक बढ़ाया जा सकता है।
कुसम्ही जंगल के पास के गांवों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की
यह पहल गोरखपुर जिले में सुरक्षा और विकास की दिशा में बड़ा कदम है। पुलिस,
वन विभाग और ग्रामीणों की सहभागिता से यह योजना सफल होने की पूरी उम्मीद है।
अब कुसम्ही जंगल क्षेत्र न केवल हरा-भरा रहेगा, बल्कि सुरक्षित भी बनेगा।