4.50 लाख किसानों में मात्र 19,445 की बनी ID: PM किसान योजना में फंसा पेच, लाखों पर संकट!
Meta Description: उत्तर प्रदेश में PM किसान सम्मान निधि योजना में बड़ा पेच – 4.50 लाख पंजीकृत किसानों में सिर्फ 19,445 का फार्मर आईडी बना। 22वीं किस्त के लिए Farmer ID और e-KYC अनिवार्य, लाखों किसानों पर संकट। समस्या, कारण और समाधान की पूरी जानकारी।
PM किसान योजना में उत्तर प्रदेश के किसानों की मुश्किल
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना देश के करोड़ों छोटे-सीमांत किसानों के लिए वरदान साबित हुई है। हर साल 6000 रुपये (तीन किस्तों में 2000-2000 रुपये) सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर होते हैं। लेकिन उत्तर प्रदेश में यह योजना अब पेचीदगियों से घिर गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, 4.50 लाख पंजीकृत किसानों में से मात्र 19,445 का ही फार्मर आईडी (Farmer ID) बन पाया है। यह कमी 2026 में 22वीं किस्त के लिए बड़ी समस्या बन गई है, क्योंकि केंद्र सरकार ने यूनिक फार्मर आईडी को अनिवार्य कर दिया है। बिना आईडी के किस्त रुक सकती है, जिससे लाखों किसान कर्ज और आर्थिक संकट में फंस सकते हैं।
फार्मर आईडी क्या है और क्यों अनिवार्य?
फार्मर आईडी एक 11-अंकीय यूनिक डिजिटल पहचान पत्र है, जो आधार कार्ड से लिंक होता है और राज्य के भूमि रिकॉर्ड सिस्टम (जैसे UP AgriStack) से जुड़ा होता है। इसका मकसद योजना का लाभ सही किसान तक पहुंचाना, फर्जीवाड़ा रोकना और पारदर्शिता लाना है। 2026 से PM-KISAN के साथ अन्य कृषि योजनाओं (फसल बीमा, सब्सिडी आदि) के लिए भी यह अनिवार्य है। उत्तर प्रदेश में 1 अप्रैल 2026 से बिना आईडी के कोई लाभ नहीं मिलेगा।
उत्तर प्रदेश में समस्या की असल वजह
उत्तर प्रदेश में 2.15 करोड़ से अधिक किसान योजना से जुड़े हैं, लेकिन फार्मर आईडी जनरेशन की प्रक्रिया धीमी है। मुख्य कारण:
- भूमि रिकॉर्ड (जमाबंदी, लगान रसीद) का अपडेट न होना।
- e-KYC और आधार-बैंक लिंकिंग में देरी।
- पोर्टल (upfr.agristack.gov.in या pmkisan.gov.in) पर तकनीकी दिक्कतें।
- जिला स्तर पर अधिकारी और CSC सेंटर्स में संसाधनों की कमी।
- हाल ही में पोर्टल डाउन होने से रजिस्ट्रेशन और e-KYC अटक गए।
कुछ जिलों में प्रोग्रेस सिर्फ 50-60% है, जबकि लक्ष्य पूरा नहीं हो रहा। इससे 22वीं किस्त (फरवरी-मार्च 2026 में संभावित) प्रभावित हो सकती है।
क्या होगा अगर आईडी नहीं बनी?
- किस्त रुक जाएगी या स्थगित हो सकती है।
- अन्य सरकारी कृषि योजनाओं से वंचित होना।
- आर्थिक संकट बढ़ना, कर्ज का बोझ बढ़ना।
- पुराने लाभार्थी भी प्रभावित हो सकते हैं अगर अपडेट नहीं किया।

समाधान: फार्मर आईडी कैसे बनवाएं?
- ऑनलाइन आवेदन: upfr.agristack.gov.in या pmkisan.gov.in पर जाएं।
- आधार नंबर, मोबाइल और भूमि विवरण दर्ज करें।
- e-KYC पूरा करें (OTP आधारित या बायोमेट्रिक CSC पर)।
- बैंक खाता और भूमि रिकॉर्ड लिंक करें।
- निकटतम CSC सेंटर, बैंक या कृषि विभाग कार्यालय में मदद लें।
- स्टेटस चेक करें: pmkisan.gov.in पर ‘Beneficiary Status’ सेक्शन में।
टिप: जल्दी अप्लाई करें, क्योंकि मार्च 2026 तक समय सीमा है। दस्तावेज (जमाबंदी, आधार, बैंक पासबुक) तैयार रखें।
निष्कर्ष
PM किसान योजना उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए जीवनरेखा है, लेकिन फार्मर आईडी की कमी से लाखों पर संकट मंडरा रहा है। सरकार ने पारदर्शिता के लिए यह कदम उठाया है, लेकिन क्रियान्वयन में तेजी लानी होगी। किसान भाइयों, तुरंत फार्मर आईडी बनवाएं, e-KYC पूरा करें और अपनी किस्त सुरक्षित रखें।