पवन सिंह के केक काटने पर दर्शकों
गोरखपुर महोत्सव में भोजपुरी का तड़का
गोरखपुर महोत्सव 2026 पूर्वांचल के सबसे बड़े सांस्कृतिक आयोजनों में से एक रहा। हजारों की भीड़, ढोल-नगाड़े, भोजपुरी गाने और स्टार्स की मौजूदगी ने पूरा माहौल रंगीन कर दिया। लेकिन सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरीं भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह ने, जब केक काटने के दौरान दर्शकों का जोश इतना बढ़ गया कि कुर्सियां हवा में उड़ने लगीं।
यह घटना 12-13 जनवरी 2026 के आसपास गोरखपुर के मैदान में हुई, जहां पवन सिंह को विशेष अतिथि के रूप में बुलाया गया था।
घटना का पूरा विवरण: केक काटते ही मचा हंगामा
प्रत्यक्षदर्शियों और सोशल मीडिया वीडियो के अनुसार:
- कार्यक्रम के क्लाइमेक्स में एक बड़ा केक स्टेज पर लाया गया।
- पवन सिंह मंच पर पहुंचे और केक काटने के लिए आगे बढ़े।
- ठीक उसी समय सांसद रविकिशन ने अपना हिट गाना शुरू किया, जिससे भीड़ और उत्तेजित हो गई।
- दर्शक स्टेज की ओर लपके, सुरक्षा घेरे को तोड़ने की कोशिश की।
- आगे की पंक्तियों में धक्का-मुक्की इतनी बढ़ गई कि कई लोग कुर्सियां उठाकर हवा में उछालने लगे।
- कुछ लोग “पवन भैया जिंदाबाद”, “राजा जी” और “एक नंबर” जैसे नारे लगाते हुए स्टेज पर चढ़ने की कोशिश करते दिखे।
- सुरक्षा कर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी, ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे।
पवन सिंह ने इस दौरान मुस्कुराते हुए हाथ जोड़े और दर्शकों को शांत करने की कोशिश की। उन्होंने कहा – “सबको प्यार है, थोड़ा संभलकर, सबका साथ है।”
पवन सिंह का जलवा और भोजपुरी फैंस का जोश
*पवन सिंह भोजपुरी इंडस्ट्री के सबसे बड़े नाम हैं। उनके आने से पहले ही मैदान में “सनेहिया लगावल बहुत बात नइखे”, “तहरा राजा जी” और “लागी ना छूटे राम” जैसे गाने गूंज रहे थे। केक काटने का यह पल उनके फैंस के लिए “राजा जी का जन्मदिन” जैसा उत्सव बन गया।
गोरखपुर और पूर्वांचल के फैंस पवन सिंह को “राजा जी” कहकर पुकारते हैं। इस जोश से साफ है कि भोजपुरी संगीत अब सिर्फ गाने नहीं, बल्कि एक भावना बन चुका है।
आयोजकों और सुरक्षा की चुनौती
महोत्सव आयोजकों ने बताया कि इतनी बड़ी भीड़ की उम्मीद थी, लेकिन पवन सिंह के आने पर स्थिति थोड़ी अनियंत्रित हो गई।
- अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया
- स्टेज के चारों ओर बैरिकेडिंग बढ़ाई गई
- अगले दिनों के कार्यक्रमों में और सख्ती बरती जाएगी
भोजपुरी का असली रंग दिखा गोरखपुर में
गोरखपुर महोत्सव में पवन सिंह के केक काटने का यह हंगामा भोजपुरी संगीत और
उसके फैंस के जुनून का जीता-जागता सबूत है।
कुर्सियां उछलना, सुरक्षा घेरा तोड़ना और नारे लगाना –
यह सब दर्शाता है कि पवन सिंह का जलवा कितना गहरा है।
पूर्वांचल के इस महोत्सव ने एक बार फिर साबित कर दिया कि
भोजपुरी अब सिर्फ भाषा नहीं, बल्कि एक त्योहार है –
जहां फैंस दिल से जुड़ते हैं और स्टेज पर राजा आते हैं तो पूरा माहौल भोजपुरी हो जाता है!