अर्की बाजार में भीषण आग
सोलन (हिमाचल प्रदेश), 12 जनवरी 2026 – हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के प्रसिद्ध अर्की बाजार में रविवार देर रात भीषण अग्निकांड हुआ, जिसने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। आग की चपेट में मुख्य रूप से नेपाली मूल का एक परिवार आ गया। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान सात साल के एक मासूम बच्चे का शव मलबे से बाहर निकाला गया है, जबकि अभी भी आठ से नौ लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है।
घटना कैसे हुई?
आग की सूचना रात करीब 11:30 बजे मिली, जब अर्की बाजार के मुख्य बाजार क्षेत्र में एक बहुमंजिला इमारत में अचानक आग लग गई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, आग सबसे पहले इमारत के निचले तल पर बने एक किराना दुकान या स्टोरेज रूम से शुरू हुई और तेजी से ऊपरी मंजिलों तक फैल गई। इमारत में ज्यादातर नेपाली मजदूर परिवार रहते थे, जो मजदूरी और छोटे-मोटे काम करके गुजारा करते थे।
आग इतनी तेजी से फैली कि लोग बाहर निकलने का मौका ही नहीं पा सके। स्थानीय लोगों ने बताया कि धुआं इतना घना था कि सांस लेना मुश्किल हो गया था। चीख-पुकार मच गई और पूरा बाजार अफरा-तफरी में डूब गया।
रेस्क्यू ऑपरेशन और मौत की पुष्टि
सूचना मिलते ही अर्की फायर ब्रिगेड, सोलन फायर सर्विस, SDRF (State Disaster Response Force) की टीम और पुलिस बल मौके पर पहुंचे। रात भर चले ऑपरेशन में मलबा हटाकर सात साल के बच्चे का शव निकाला गया। बच्चे की पहचान नेपाली मूल के परिवार से बताई जा रही है।
फिलहाल आठ से नौ लोगों के अभी भी इमारत के मलबे में फंसे होने की आशंका है। SDRF की टीम स्पेशल उपकरणों के साथ रेस्क्यू कार्य में जुटी हुई है। सुबह तक दो और शव निकालने की संभावना जताई जा रही है, लेकिन अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
प्रशासन और राजनीतिक प्रतिक्रिया
सोलन के डीसी और एसपी खुद मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू कार्य की निगरानी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने घटना पर गहरा दुख जताया और पीड़ित परिवारों के लिए तत्काल राहत की घोषणा की। उन्होंने SDRF और NDRF की अतिरिक्त टीम मंगवाई है।
स्थानीय विधायक और भाजपा नेताओं ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
विपक्षी कांग्रेस ने इसे सरकारी लापरवाही का मामला बताते हुए जांच की मांग की है।
बाजार में हड़कंप और स्थानीय लोगों की चिंता
अर्की बाजार हिमाचल का एक व्यस्त और ऐतिहासिक बाजार है, जहां सैकड़ों दुकानें और आवासीय मकान हैं।
आग लगने से आसपास की कई दुकानें भी प्रभावित हुई हैं। स्थानीय व्यापारियों का कहना है
कि इमारतों में फायर सेफ्टी के उपकरण नहीं थे
और बिजली के पुराने तारों से आग लगने की संभावना ज्यादा है।
घटना के बाद पूरा बाजार बंद है और लोग सदमे में हैं।
नेपाली समुदाय के लोग विशेष रूप से आहत हैं,
क्योंकि प्रभावित परिवार मजदूर वर्ग से था।
आगे क्या?
प्रशासन ने राहत शिविर लगाए हैं और घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
आग पर काबू पा लिया गया है, लेकिन रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
फॉरेंसिक टीम जांच कर रही है कि आग का सटीक कारण क्या था –
शॉर्ट सर्किट, गैस लीक या कोई अन्य।
यह घटना एक बार फिर हिमाचल के बाजारों और आवासीय इलाकों में फायर
सेफ्टी मानकों की कमी को उजागर कर रही है।
पीड़ित परिवारों के लिए दुख की इस घड़ी में पूरा प्रदेश साथ खड़ा है।