बरेली में डॉ. प्रवीण तोगड़िया ने शिक्षा
बरेली में प्रवीण तोगड़िया का जोरदार संबोधन
11 जनवरी 2026 को उत्तर प्रदेश के बरेली शहर में हिंदू महासभा के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. प्रवीण तोगड़िया ने एक जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने शिक्षा व्यवस्था, किसानों की समस्याओं और युवा बेरोजगारी जैसे गंभीर मुद्दों पर अपनी राय रखी। तोगड़िया ने अपने संबोधन में एक नया नारा दिया: “विद्यार्थियों को सस्ती शिक्षा… युवाओं को रोजगार!”
यह कार्यक्रम बरेली के एक प्रमुख सामुदायिक केंद्र में आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में छात्र, युवा, किसान और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद थे। तोगड़िया का यह दौरा उत्तर प्रदेश में शिक्षा और रोजगार के मुद्दों पर हो रही बहस को और तेज करने वाला साबित हो रहा है।
मुख्य मुद्दे जो तोगड़िया ने उठाए
डॉ. प्रवीण तोगड़िया ने अपने भाषण में तीन प्रमुख बिंदुओं पर जोर दिया:
- सस्ती और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तोगड़िया ने कहा, “देश का हर विद्यार्थी सस्ती शिक्षा का हकदार है। आज प्राइवेट स्कूलों और कोचिंग सेंटरों की फीस इतनी बढ़ गई है कि मध्यम वर्ग और गरीब परिवार के बच्चे अच्छी शिक्षा से वंचित हो रहे हैं। सरकार को प्राथमिक और उच्च शिक्षा को सब्सिडाइज करना चाहिए। सस्ती शिक्षा हमारा संवैधानिक अधिकार है!”
- किसानों को फसल का वाजिब दाम उन्होंने किसानों की स्थिति पर गहरी चिंता जताई। कहा कि “किसान देश का अन्नदाता है, लेकिन आज भी उनकी फसल को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से कम पर बेचना पड़ रहा है। सरकार को गेहूं, धान, गन्ना और अन्य फसलों के लिए तुरंत MSP लागू करना चाहिए और खरीद केंद्रों की संख्या बढ़ानी चाहिए।”
- युवाओं को रोजगार सबसे ज्यादा जोर युवा बेरोजगारी पर दिया। तोगड़िया ने कहा, “शिक्षा पूरी करने के बाद युवा बेरोजगार घूम रहे हैं। नौकरी के नाम पर सिर्फ परीक्षाएं और इंतजार होता है। सरकार को स्किल डेवलपमेंट, स्टार्टअप और छोटे-मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देकर लाखों रोजगार पैदा करने चाहिए।”
नया नारा और इसका महत्व
सभा के अंत में डॉ. तोगड़िया ने एक सशक्त नारा दिया: “सस्ती शिक्षा… वाजिब दाम… रोजगार हमारा हक!”
यह नारा अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कई युवा और छात्र संगठन इसे अपना रहे हैं। तोगड़िया का कहना है कि यह नारा सिर्फ एक स्लोगन नहीं, बल्कि आने वाले समय की राजनीतिक और सामाजिक मांगों का आधार बनेगा।
बरेली में कार्यक्रम का माहौल
कार्यक्रम में स्थानीय हिंदू संगठनों, छात्र संघों और किसान प्रतिनिधियों ने जमकर समर्थन दिया।
तोगड़िया ने बरेली की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत की भी
सराहना की और कहा कि शहर शिक्षा और उद्योग का केंद्र बन सकता है, बशर्ते सही नीतियां बनें।
निष्कर्ष: शिक्षा, किसान और रोजगार पर नई बहस
डॉ. प्रवीण तोगड़िया का बरेली दौरा उत्तर प्रदेश में शिक्षा, कृषि और
युवा रोजगार के मुद्दों पर नई बहस छेड़ने वाला साबित हो रहा है।
उनका दिया गया नारा – “विद्यार्थियों को सस्ती शिक्षा… युवाओं को रोजगार!”
– अब कई युवाओं और छात्रों के लिए प्रेरणा बन चुका है।
आने वाले दिनों में देखना होगा कि यह नारा कितना असरदार साबित होता है
और सरकार इस पर क्या रुख अपनाती है।
बरेली के युवा और किसान अब उम्मीद के साथ इन मुद्दों को उठा रहे हैं।
सस्ती शिक्षा और रोजगार की मांग अब सिर्फ एक नारा नहीं,
बल्कि एक सामाजिक आंदोलन बनने की ओर बढ़ रही है!
