यूपी कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी: ग्रेड वेतन 1900 से बढ़कर 2000 रुपये होगा, शासन को भेजी गई सिफारिश
मेटा डिस्क्रिप्शन: उत्तर प्रदेश सरकारी कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर! ग्रेड पे 1900 से 2000 रुपये करने की सिफारिश शासन को भेजी गई है। इससे कनिष्ठ लिपिक, सहायक जैसे पदों पर तैनात कर्मचारियों को फायदा होगा। जानिए पूरी डिटेल्स, प्रभावित पद और संभावित वेतन बढ़ोतरी!
परिचय: कर्मचारियों को मिलेगी राहत
उत्तर प्रदेश के लाखों सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राज्य सरकार ने ग्रेड वेतन (ग्रेड पे) को 1900 रुपये से बढ़ाकर 2000 रुपये करने की सिफारिश शासन को भेज दी है। यह सिफारिश विभिन्न विभागों में कार्यरत कनिष्ठ स्तर के कर्मचारियों जैसे कनिष्ठ लिपिक, सहायक, क्लर्क आदि के लिए है, जो लंबे समय से इस मांग को उठा रहे थे।
यह बदलाव 7वें वेतन आयोग की संरचना के अनुरूप होगा और कर्मचारियों की बेसिक सैलरी, महंगाई भत्ता (DA), HRA और अन्य भत्तों में सीधी बढ़ोतरी लाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सिफारिश जल्द मंजूर हो सकती है, जिससे कर्मचारियों की मासिक आय में 1000-3000 रुपये तक का इजाफा संभव है।
कौन-कौन से कर्मचारी प्रभावित होंगे?
यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से उन पदों पर लागू होगी जहां वर्तमान में ग्रेड पे 1900 रुपये है। प्रमुख प्रभावित पद:
- कनिष्ठ लिपिक / कनिष्ठ सहायक
- डाटा एंट्री ऑपरेटर
- कुछ विभागीय क्लर्क और सहायक पद
- अन्य ग्रुप C स्तर के निचले पद
पहले भी 2018 में वेतन समिति की सिफारिशों पर कनिष्ठ लिपिक का ग्रेड पे 1900 से 2000 किया गया था, लेकिन अब इसे और मजबूत बनाने और सभी प्रभावित कर्मचारियों को कवर करने की तैयारी है। इससे राज्य के लगभग लाखों कर्मचारी लाभान्वित होंगे।
संभावित वेतन बढ़ोतरी का अनुमान
वर्तमान में ग्रेड पे 1900 वाले पदों पर बेसिक पे स्तर (Pay Matrix Level 2) के अनुसार न्यूनतम बेसिक पे करीब 19,900-21,700 रुपये से शुरू होता है। ग्रेड पे 2000 होने पर यह Level 3 के करीब पहुंचेगा, जहां न्यूनतम बेसिक पे 21,700 रुपये से अधिक हो सकता है।
उदाहरण (अनुमानित):
- वर्तमान बेसिक पे (ग्रेड पे 1900): 21,700 रुपये
- बढ़ोतरी के बाद (ग्रेड पे 2000): 22,700-24,000 रुपये तक
- DA (वर्तमान ~50-58%): 12,000-14,000 रुपये अतिरिक्त
- कुल इन-हैंड सैलरी में 2,000-4,000 रुपये की मासिक बढ़ोतरी संभव
इसके अलावा HRA, TA और अन्य भत्ते भी बढ़ेंगे, जिससे कुल पैकेज में अच्छा फर्क पड़ेगा।
क्यों आई यह सिफारिश?
कर्मचारी संघों और यूनियनों ने लंबे समय से ग्रेड पे में असमानता दूर करने की मांग की थी। महंगाई, जीवन यापन की बढ़ती लागत और पड़ोसी राज्यों में बेहतर स्केल को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। राज्य सरकार कर्मचारियों के हितों के प्रति प्रतिबद्ध है और DA बढ़ोतरी के बाद अब ग्रेड पे संशोधन पर फोकस है।
यह सिफारिश वित्त विभाग और संबंधित विभागों से चर्चा के बाद भेजी गई है।
जल्द ही कैबिनेट या शासन स्तर पर मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
निष्कर्ष: कर्मचारियों का इंतजार जल्द खत्म
यह सिफारिश यूपी के सरकारी कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगा।
ग्रेड पे 1900 से 2000 होने से न केवल वेतन बढ़ेगा बल्कि प्रमोशन और पेंशन पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।
कर्मचारियों को सलाह है
कि आधिकारिक शासनादेश का इंतजार करें और यूनियनों से जुड़े रहें।