गोरखपुर: सीएम योगी ने
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की संवेदनशीलता एक बार फिर सामने आई है। गोरखपुर में दिवंगत पत्रकार विवेक अस्थाना के परिवार को सीएम योगी ने आर्थिक संबल प्रदान किया। स्वर्गीय अस्थाना की पत्नी निहारिका और दोनों बच्चों दिव्य व देव को विवेकाधीन कोष से 5 लाख रुपये की सहायता का चेक सौंपा गया। यह मदद गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब के अनुरोध पर मात्र 19 घंटे के भीतर उपलब्ध कराई गई, जो मुख्यमंत्री की त्वरित कार्यशैली को दर्शाता है।
विवेक अस्थाना का निधन और परिवार की स्थिति
गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब के आजीवन सदस्य और प्रसिद्ध पत्रकार-रंगकर्मी विवेक अस्थाना का 5 जनवरी 2026 को हृदयाघात से आकस्मिक निधन हो गया। वे परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे। उनके निधन से परिवार आर्थिक संकट में पड़ गया। पत्नी निहारिका और दो छोटे बच्चे अचानक सहारे से वंचित हो गए। विवेक अस्थाना न केवल पत्रकारिता में सक्रिय थे बल्कि रंगमंच से भी जुड़े हुए थे, जहां उन्होंने कई यादगार प्रस्तुतियां दीं।

परिवार की इस विपदा की खबर जैसे ही गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब को लगी, क्लब ने तुरंत कार्रवाई की। बुधवार दोपहर क्लब की ओर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को प्रार्थना पत्र सौंपकर आर्थिक सहायता की गुहार लगाई गई।
सीएम योगी की त्वरित संवेदना और मुलाकात
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रार्थना पत्र मिलते ही संवेदना दिखाई। मात्र 19 घंटे के अंदर गुरुवार सुबह परिवार को मदद मिल गई। गोरखनाथ मंदिर के बैठक कक्ष में सीएम योगी ने व्यक्तिगत रूप से विवेक अस्थाना की पत्नी निहारिका और बच्चों दिव्य व देव से मुलाकात की। उन्होंने परिवार का दुख बांटा और आश्वासन दिया कि दुख की इस घड़ी में सरकार और वे स्वयं परिवार के साथ हैं।
सीएम ने 5 लाख रुपये का चेक सौंपते हुए बच्चों से पढ़ाई के बारे में पूछा। उन्होंने दिव्य और देव को खूब मन लगाकर पढ़ने के लिए प्रेरित किया। योगी आदित्यनाथ ने परिवार को भरोसा दिलाया कि उनकी हर संभव मदद की जाएगी। यह मुलाकात न केवल आर्थिक सहायता थी बल्कि भावनात्मक समर्थन का भी प्रतीक बनी।
इस अवसर पर भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक प्रदीप शुक्ल, सीडीओ शाश्वत त्रिपुरारी और एडीएम वित्त एवं राजस्व विनीत कुमार सिंह भी उपस्थित रहे।
योगी सरकार की संवेदनशील नीतियां
योगी आदित्यनाथ की सरकार हमेशा से जरूरतमंदों के प्रति संवेदनशील रही है।
विवेकाधीन कोष का उपयोग ऐसे मामलों में त्वरित सहायता के लिए किया जाता है।
पत्रकारों, कलाकारों और आम जनता के लिए इस तरह की मदद कई उदाहरणों में देखी गई है।
गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब जैसे संगठनों के साथ
सीएम का सीधा संवाद इसकी मिसाल है।
यह घटना दिखाती है कि कैसे मुख्यमंत्री व्यक्तिगत स्तर पर लोगों की समस्याओं को सुनते और समाधान करते हैं।
गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान जनता दर्शन और
ऐसी मुलाकातें योगी जी की दिनचर्या का हिस्सा हैं।
पत्रकार समुदाय की प्रतिक्रिया
गोरखपुर के पत्रकार समुदाय ने सीएम योगी की इस पहल की सराहना की है।
जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब ने इसे संवेदनशील कदम बताया।
विवेक अस्थाना जैसे साथी की याद में यह सहायता परिवार को नई उम्मीद देगी।
बच्चे अपनी पढ़ाई जारी रख सकेंगे और परिवार आर्थिक संकट से उबर सकेगा।
निष्कर्षतः, सीएम योगी आदित्यनाथ का यह कदम मानवीय संवेदना का बेहतरीन उदाहरण है।
दिवंगत पत्रकार विवेक अस्थाना के परिवार को मिली यह मदद न केवल आर्थिक संबल है
बल्कि सरकार की जनता के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक भी।
ऐसे प्रयास उत्तर प्रदेश को और मजबूत बनाते हैं।
