लखनऊ/गोरखपुर:
उत्तर प्रदेश में नए साल के पहले हफ्ते में ही सर्दी ने अपना कहर बरपाना शुरू कर दिया है। ठंडी हवाओं और घने कोहरे ने पूरे प्रदेश को ठिठुरन की चपेट में ले लिया है। मंगलवार (6 जनवरी 2026) की रात गोरखपुर प्रदेश का सबसे ठंडा शहर रहा, जहां न्यूनतम तापमान मात्र 5.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, प्रदेश के नौ प्रमुख शहरों में पारा 7 डिग्री से नीचे चला गया, जिससे सुबह-शाम गलन असहनीय हो गई है।
गोरखपुर में रिकॉर्ड ठंड और कोहरे का कहर
गोरखपुर पिछले तीन दिनों से लगातार शीतलहर की मार झेल रहा है। यहां न्यूनतम तापमान 5.4°C तक गिर गया, जबकि दिन का अधिकतम तापमान भी 15 डिग्री के आसपास रहा। सुबह के समय घना कोहरा छाने से विजिबिलिटी मात्र 50 मीटर तक सिमट गई। इससे सड़क और रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। कई ट्रेनें देरी से चलीं और हाईवे पर वाहन रेंगते नजर आए।
ठंड से बचने के लिए लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं। नगर निगम ने प्रमुख चौराहों और बस स्टैंड पर अलाव जलाने की व्यवस्था की है, लेकिन ग्रामीण इलाकों और स्लम बस्तियों में गरीब-मजदूर खुले आसमान के नीचे ठिठुरने को मजबूर हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि ऐसी ठंड में सर्दी-जुकाम, अस्थमा और हार्ट संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
IMD ने पूर्वांचल क्षेत्र में अगले 48 घंटों तक ठंड और कोहरे के और गहराने की संभावना जताई है। 8-9 जनवरी तक गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर और महाराजगंज में शीतलहर अलर्ट जारी है।
इन 9 शहरों में पारा 7 डिग्री से नीचे
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार रात इन शहरों में न्यूनतम तापमान 7°C से कम रहा:
- गोरखपुर: 5.4°C
- वाराणसी: 6.1°C
- प्रयागराज: 6.3°C
- लखनऊ: 6.5°C
- कानपुर: 6.7°C
- आगरा: 6.8°C
- मेरठ: 6.9°C
- बरेली: 6.2°C
- अयोध्या: 6.4°C
इन शहरों में कोल्ड डे की स्थिति बनी हुई है, जहां दिन में भी ठंडक महसूस हो रही है। लखनऊ में सुबह घना कोहरा छाया रहा, जिससे चारबाग रेलवे स्टेशन और अमौसी एयरपोर्ट पर फ्लाइट्स प्रभावित हुईं।
पूरे यूपी में ठंड का असर
पश्चिमी यूपी के जिलों जैसे मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और शामली में भी तापमान 7-8 डिग्री के बीच रहा। बुंदेलखंड क्षेत्र में झांसी और ललितपुर में रात का पारा 8 डिग्री तक गिरा। ठंडी उत्तर-पश्चिमी हवाएं पूरे प्रदेश में गलन बढ़ा रही हैं।
स्कूलों में सुबह की कक्षाएं देरी से शुरू हो रही हैं। कई जिलों में प्राथमिक स्कूलों की छुट्टी का ऐलान किया गया है।
सड़कों पर अलाव तापते लोग और गर्म कपड़ों में लिपटे राहगीर आम नजारा बन गए हैं।
चाय-कॉफी और गर्म व्यंजनों की दुकानों पर भीड़ बढ़ गई है।
IMD का पूर्वानुमान: राहत कब?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, 10 जनवरी के बाद पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से पहाड़ों में बर्फबारी हो सकती है,
जो मैदानी इलाकों में ठंड को और बढ़ाएगी।
हालांकि, 12-13 जनवरी से तापमान में मामूली बढ़ोतरी की उम्मीद है।
फिलहाल कोई बड़ी राहत नजर नहीं आ रही।