6 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कुल 13 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी। इस बैठक का सबसे बड़ा फोकस स्टांप एवं रजिस्ट्री विभाग से जुड़े सुधारों पर रहा, जिससे आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी। सरकार का दावा है कि इन फैसलों से प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और समयबद्ध होगी, साथ ही रियल एस्टेट सेक्टर को नई गति मिलेगी और राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी।
मुख्य फैसला: परिवार में प्रॉपर्टी ट्रांसफर पर स्टांप ड्यूटी में भारी छूट
कैबिनेट का सबसे चर्चित निर्णय परिवार के सदस्यों के बीच अचल संपत्ति के दान (गिफ्ट डीड) पर स्टांप शुल्क में राहत को लेकर है। पहले यह छूट केवल आवासीय और कृषि भूमि तक सीमित थी, लेकिन अब इसे व्यावसायिक (कमर्शियल) और औद्योगिक (इंडस्ट्रियल) संपत्तियों तक विस्तारित कर दिया गया है।
- अब परिवार के सदस्यों (रक्त संबंधियों) के बीच किसी भी तरह की प्रॉपर्टी – चाहे शहरी हो या ग्रामीण – के दान पर अधिकतम 5000 रुपये स्टांप ड्यूटी लगेगी।
- रजिस्ट्रेशन शुल्क 1 प्रतिशत अलग से लिया जाएगा।
- स्टांप एवं पंजीयन मंत्री रविंद्र जायसवाल ने बताया कि 2022 से पहले परिवार में प्रॉपर्टी दान पर पूरे सर्किल रेट के बराबर स्टांप ड्यूटी देनी पड़ती थी। 2022 में आवासीय और कृषि भूमि के लिए राहत दी गई थी, अब इसे कमर्शियल सेक्टर तक बढ़ाया गया है।
यह फैसला पारिवारिक संपत्ति हस्तांतरण को आसान बनाएगा, विवाद कम करेगा और पारदर्शिता बढ़ाएगा। रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि इससे बाजार में नई गतिविधियां बढ़ेंगी।
रजिस्ट्री विभाग के अन्य फैसले
बैठक में स्टांप एवं रजिस्ट्री विभाग से जुड़े दो अन्य प्रस्ताव भी पास हुए:
- कुशीनगर जिले की तहसील कप्तानगंज में पुराने उप-निबंधक कार्यालय की जगह नए भवन के लिए तहसील परिसर से 920 वर्ग मीटर भूमि निःशुल्क आवंटित।
- झांसी में सदर उप-निबंधक कार्यालय और अभिलेख कक्ष के लिए पुराने तहसील परिसर से 638 वर्ग मीटर भूमि आवंटन। दोनों मामलों में स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क से पूर्ण छूट।
ये कदम रजिस्ट्री प्रक्रिया को तेज और सुविधाजनक बनाने की दिशा में हैं।
उद्योग और निवेश को बढ़ावा देने वाले फैसले
कैबिनेट ने उद्योग विभाग के महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी मंजूरी दी:
- ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) नीति की नियमावली को स्वीकृति।
- इससे उत्तर प्रदेश ग्लोबल सर्विस हब बनेगा और उच्च कौशल वाले रोजगार बढ़ेंगे।

- सेमीकंडक्टर पॉलिसी 2024 में संशोधन: 3000 करोड़ रुपये या इससे
- अधिक निवेश करने वाली इकाइयों को केस-टू-केस आधार पर विशेष प्रोत्साहन,
- जैसे ब्याज सब्सिडी, कर्मचारी लागत प्रतिपूर्ति और 10 वर्ष तक नेट एसजीएसटी छूट।
ये फैसले प्रदेश को सेमीकंडक्टर और आईटी हब बनाने की दिशा में मजबूत कदम हैं।
अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
- वाराणसी में 500 बेड का सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल निर्माण की मंजूरी, जिससे हजारों नौकरियां सृजित होंगी।
- खेल विभाग में क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारियों की भर्ती में अंतरराष्ट्रीय पदक विजेताओं को प्राथमिकता।
- अन्य विभागों जैसे परिवहन और स्वास्थ्य से जुड़े प्रस्ताव भी पास।
निष्कर्ष: जनता और अर्थव्यवस्था के लिए राहत भरा कदम
योगी कैबिनेट के ये फैसले आम आदमी से लेकर बड़े निवेशकों तक सभी को लाभ पहुंचाएंगे।
स्टांप ड्यूटी में राहत से प्रॉपर्टी मार्केट में तेजी आएगी, जबकि उद्योग नीतियां रोजगार और निवेश बढ़ाएंगी।
सरकार का फोकस पारदर्शिता और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर साफ दिख रहा है।
यह बैठक नए साल में योगी सरकार की सक्रियता का संकेत है।
आने वाले दिनों में इन फैसलों का असर जमीन पर दिखेगा।