पश्चिम बंगाल में 2026 विधानसभा चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) को बड़ा झटका लगा है। राज्यसभा सांसद मौसम नूर ने TMC से इस्तीफा देकर कांग्रेस में ‘घर वापसी’ कर ली है। यह कदम बंगाल की राजनीति में हलचल मचा रहा है, क्योंकि मौसम नूर प्रमुख मुस्लिम चेहरा हैं और उत्तर दिनाजपुर की प्रभावशाली नेता हैं। ममता बनर्जी के लिए यह चुनावी साल में पहला बड़ा नुकसान है। मौसम ने कहा कि कांग्रेस उनकी पुरानी पार्टी है और वह राहुल गांधी के नेतृत्व में वापस आकर खुश हैं।
मौसम नूर का राजनीतिक सफर: कांग्रेस से TMC तक और वापस
मौसम नूर का राजनीतिक सफर रोचक है। वे 2009 में कांग्रेस से लोकसभा सांसद चुनी गईं। 2015 में TMC में शामिल हुईं और 2019 में राज्यसभा पहुंचीं। उत्तर दिनाजपुर में उनका प्रभाव मजबूत है। TMC में रहते हुए उन्होंने मुस्लिम वोट बैंक मजबूत किया, लेकिन हाल में पार्टी से असंतोष जताया। बंगाल चुनाव से पहले यह घर वापसी TMC के लिए झटका है। मौसम ने कहा, “कांग्रेस मेरी जड़ें हैं, यहां वापस आकर गर्व है।”

TMC को झटका: ममता बनर्जी की चुनौतियां बढ़ीं
मौसम नूर का TMC छोड़ना ममता बनर्जी के लिए बड़ा झटका है। बंगाल में मुस्लिम वोटर 30% हैं और उत्तर दिनाजपुर में बहुमत है। मौसम का जाना TMC के लिए नुकसानदेह है। ममता ने हाल में पार्टी मीटिंग में एकता पर जोर दिया, लेकिन यह इस्तीफा असंतोष दिखाता है। विपक्ष BJP और कांग्रेस इससे फायदा उठा सकते हैं। BJP ने कहा कि TMC में दरार है।
बंगाल चुनाव 2026 का संदर्भ: राजनीतिक प्रभाव
बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में ममता की TMC तीसरी बार सत्ता चाहती है। लेकिन मौसम का जाना अल्पसंख्यक वोट प्रभावित कर सकता है। कांग्रेस और लेफ्ट गठबंधन मजबूत हो सकता है।
BJP भी आक्रामक है। ममता के लिए चुनौती बढ़ी है।
विश्लेषकों का कहना है कि यह इस्तीफा TMC में और विद्रोह ला सकता है।
प्रतिक्रियाएं और भविष्य की संभावनाएं
TMC ने कहा कि मौसम का जाना कोई बड़ा असर नहीं डालेगा।
कांग्रेस ने स्वागत किया और कहा कि वे बंगाल में मजबूत होंगे।
सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी है। भविष्य में और नेता बदल सकते हैं।
चुनाव से पहले गठबंधन और रणनीति बदल सकती है।
बंगाल चुनाव TMC के लिए परीक्षा है। ममता की लोकप्रियता मजबूत है, लेकिन विपक्ष मजबूत हो रहा है।
मौसम की घर वापसी कांग्रेस को बूस्ट देगी। बंगाल राजनीति दिलचस्प हो गई है।
