उत्तर भारत में जनवरी 2026 की शुरुआत से ही कड़ाके की ठंड और शीतलहर का कहर बरप रहा है। मौसम विभाग (IMD) ने पाला गिरने की चेतावनी जारी की है, जिससे फसलें और स्वास्थ्य पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, बिहार और राजस्थान में तापमान सामान्य से काफी नीचे गिर गया है। घना कोहरा और ठंडी हवाएं जनजीवन अस्त-व्यस्त कर रही हैं। यह ठंड मार्च तक प्रभावी रह सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ और उत्तरी हवाओं से शीतलहर बढ़ी है। न्यूनतम तापमान 4-6 डिग्री तक गिर सकता है। पाला गिरने से रबी फसलों – गेहूं, सरसों, चना और सब्जियों – को नुकसान हो सकता है। किसानों को अलर्ट किया गया है। कोहरे से विजिबिलिटी शून्य होने से ट्रैफिक और परिवहन प्रभावित है। ट्रेनें और उड़ानें देरी से चल रही हैं। सड़क हादसे बढ़े हैं।
उत्तर भारत में ठंड का प्रकोप चरम पर है। यूपी के पूर्वांचल और तराई क्षेत्रों में पाला गिरने की संभावना ज्यादा है। गोरखपुर, लखनऊ, कानपुर में तापमान 5 डिग्री से नीचे रह सकता है। स्वास्थ्य विभाग ने चेतावनी दी कि ठंड से सांस, हृदय रोग और वायरल संक्रमण बढ़ेंगे। बुजुर्ग और बच्चे सबसे जोखिम में हैं।
किसानों के लिए पाला बड़ा खतरा है। फसलें मुरझा सकती हैं। कृषि विभाग ने सलाह दी कि रात में सिंचाई करें और धुआं करें। फसलों को ढकें। ठंड से पशुओं को भी बचाएं। ग्रामीण क्षेत्रों में अलाव और राहत शिविर लगाए जा रहे हैं।
प्रशासन अलर्ट है। स्कूल छुट्टियां बढ़ाई गई हैं। बिजली मांग बढ़ने से लोडशेडिंग संभव है। ठंड मार्च तक रहेगी, लेकिन फरवरी में चरम होगा।
यह ठंड जलवायु परिवर्तन का संकेत भी है। सावधानी जरूरी है। गर्म कपड़े, गरम भोजन और स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
ठंड चेतावनी: पाला गिरना
चेतावनी:
- पाला गिरावट।
- फसल नुकसान।
- तापमान नीचे।
- शीतलहर।
- कोहरा।
- हादसे।
- अलर्ट।
चेतावनी गंभीर।
फसल जोखिम: रबी प्रभावित
जोखिम:
- गेहूं चना।
- सब्जियां।
- पाला मुरझाव।
- सिंचाई सलाह।
- धुआं।
- ढकना।
- नुकसान।
फसल खतरे में।
स्वास्थ्य प्रभाव: बीमारियां
प्रभाव:
- सांस हृदय।
- वायरल।
- बुजुर्ग बच्चे।
- अस्पताल।
- बचाव।
- गर्म।
- पानी।
स्वास्थ्य जोखिम।
परिवहन असर: कोहरा
असर:
- विजिबिलिटी शून्य।
- ट्रेन उड़ान देरी।
- सड़क हादसे।
- ट्रैफिक।
- सावधानी।
- फॉग लाइट।
- धीरे।
