उत्तर भारत, खासकर उत्तर प्रदेश में जनवरी से मार्च तक कड़ाके की ठंड और शीतलहर का दौर जारी रहने की चेतावनी मौसम विशेषज्ञों ने जारी की है। यह कहावत “जनवरी से मार्च तक हाड़ कप देगी ठंड, मार्च तक रहेगा कुंवारा” लोकप्रिय रूप से प्रचलित है, जो इस मौसम की भयंकरता को दर्शाती है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के लॉन्ग रेंज पूर्वानुमान के अनुसार, 2026 के सर्दी में न्यूनतम तापमान सामान्य से 2-4 डिग्री कम रह सकता है, जिससे कोल्ड वेव कंडीशंस पूर्वी UP, बिहार और राजस्थान तक फैलेंगी। घना कोहरा, शीतलहर और न्यूनतम दृश्यता के कारण परिवहन व्यवस्था प्रभावित होगी, जबकि किसानों की रबी फसलें खतरे में पड़ सकती हैं।
ठंड की तीव्रता और अवधि
शीतलहर का पूर्वानुमान: जनवरी के पहले दो सप्ताह में उत्तर प्रदेश के जिलों जैसे लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी और कुशीनगर में तापमान 4-8 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। IMD की रिपोर्ट्स बताती हैं कि फरवरी तक यह ठंडी लहर पश्चिमी विक्षोभ के कारण बनी रहेगी, जबकि मार्च में धीरे-धीरे गर्मी की शुरुआत होगी लेकिन रातें ठंडी रहेंगी। पूर्वी उत्तर प्रदेश में कोल्ड डे कंडीशंस 10-15 दिनों तक बने रहने की संभावना है।
कोहरे का खतरा: घना कोहरा सुबह 5 बजे से दोपहर 2 बजे तक छाया रहेगा, दृश्यता 50 मीटर तक घट सकती है। दिल्ली-एनसीआर, यूपी और पंजाब में ट्रेनें व उड़ानें प्रभावित होंगी। यह स्थिति जनवरी के मध्य तक चरम पर रहेगी।
उत्तर प्रदेश पर विशेष प्रभाव
लखनऊ सहित पूर्वांचल के जिलों में शीतलहर सामान्य से अधिक दिनों तक रहेगी। गोरखपुर मंडल में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री से नीचे जा सकता है, जबकि वाराणसी में कोहरा यातायात को ठप कर देगा। किसान भाइयों को गेहूं-चना जैसी फसलों पर नजर रखनी होगी, क्योंकि ठंड से फसल क्षति हो सकती है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य समस्याएं जैसे सर्दी-जुकाम बढ़ेंगी।
IMD के लखनऊ सेंटर ने 4 जनवरी से 15 दिनों का अलर्ट जारी किया है।
शहरी इलाकों में बिजली की मांग बढ़ेगी, जिससे लोडशेडिंग संभव है। स्कूलों में छुट्टियां बढ़ सकती हैं।
अन्य राज्यों पर असर
पंजाब-हरियाणा: कड़ाके की ठंड से किसान परेशान।
बिहार: पश्चिम चंपारण में 7 जनवरी तक राहत नहीं।
राजस्थान-मध्य प्रदेश: शुष्क ठंड जारी। हिमालयी क्षेत्र: बर्फबारी से तापमान शून्य से नीचे।
सावधानियां और उपाय
गर्म कपड़े, ऊनी स्वेटर और मफलर पहनें। कोहरे में धीरे ड्राइव करें, फॉग लाइट्स ऑन रखें।
किसानों को फसलों को ढकने के उपाय करें। गर्मागर्म भोजन लें,
विटामिन सी से इम्यूनिटी बढ़ाएं। IMD ऐप पर अपडेट चेक करें।
