उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को और मजबूती देने जा रही है। राज्य सरकार ने मिशन शक्ति के तहत चल रहे ‘सुरक्षा कवच अभियान’ को एक नए आयाम पर ले जाने का फैसला किया है। योजनानुसार, प्रदेश के 1600 मिशन शक्ति केंद्रों को 6400 स्कूटी और समान संख्या में मोबाइल फोन उपलब्ध कराए जाएंगे। इसका उद्देश्य महिला सुरक्षा, निगरानी और त्वरित सहायता व्यवस्था को और प्रभावी बनाना है।
महिला पुलिसकर्मियों को मिलेंगे आधुनिक साधन
इन मिशन शक्ति केंद्रों में कार्यरत महिला बीट पुलिसकर्मियों और स्वयंसेवक महिलाओं को स्कूटी और स्मार्ट मोबाइल से लैस किया जाएगा। इससे वे ग्रामीण और शहरी इलाकों में तेजी से पहुँच कर महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में तुरंत कार्रवाई कर सकेंगी। मोबाइल ऐप और जीपीएस ट्रैकिंग के जरिए इन केंद्रों का सीधा संपर्क संबंधित थानों और कंट्रोल रूम से रहेगा।
मिशन शक्ति: महिला सशक्तिकरण का जन-आंदोलन
योगी सरकार ने 2020 में शुरू किए गए मिशन शक्ति अभियान को अब एक “जन आंदोलन” के रूप में विकसित कर दिया है। प्रदेश के प्रत्येक जिले में महिला हेल्प डेस्क, हॉटलाइन नंबर, साइबर सुरक्षा अभियान और जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। नई पहल से इन केंद्रों की कार्यक्षमता बढ़ेगी और ग्रामीण-शहरी क्षेत्रों में सुरक्षा नेटवर्क और मजबूत होगा।
समग्र सुरक्षा व्यवस्था की दिशा में बड़ा कदम
सीएम योगी का कहना है कि महिला सुरक्षा केवल कानून-व्यवस्था नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी और प्रशासनिक प्राथमिकता है। स्कूटी और मोबाइल उपलब्ध कराने से न केवल निगरानी तेज होगी बल्कि डेटा और शिकायतों का रियल टाइम मॉनिटरिंग और रिपोर्टिंग सिस्टम भी विकसित होगा। इससे मिशन शक्ति के तहत संचालित योजनाओं की प्रभावशीलता कई गुना बढ़ जाएगी।
सुरक्षा कवच बनेगा प्रदेश की पहचान
इस पहल से सरकार महिला सुरक्षा के क्षेत्र में नया मानक स्थापित करने जा रही है। ‘सुरक्षा कवच’ मिशन के माध्यम से उत्तर प्रदेश जल्द ही उन राज्यों की सूची में शामिल होगा, जहाँ महिलाओं की सुरक्षा और त्वरित मदद व्यवस्था सबसे अधिक सक्रिय और तकनीकी रूप से उन्नत है।
यह पहल महिलाओं को सशक्त बनाएगी और सुरक्षा व्यवस्था को नई ऊंचाई देगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में महिला पुलिसकर्मियों की पहुंच बढ़ेगी। त्वरित कार्रवाई से अपराध कम होंगे।
मिशन शक्ति अब जन आंदोलन बन चुका है।
योगी सरकार का यह कदम महिलाओं के सम्मान और स्वावलंबन की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
सुरक्षा कवच मजबूत होने से प्रदेश की महिलाएं अधिक सुरक्षित महसूस करेंगी।
पहल के लाभ: सुरक्षा और सशक्तिकरण
लाभ:
- त्वरित पहुंच।
- जीपीएस ट्रैकिंग।
- रियल टाइम रिपोर्टिंग।
- ग्रामीण-शहरी कवर।
- महिला पुलिस सशक्त।
- अपराध कम।
- जन आंदोलन।