परशुराम यादव की रिपोर्ट
सिकरीगंज कस्बे में स्थानीय व्यापारियों, नागरिकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने मिलकर विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में स्पष्ट कहा गया कि कस्बे के रामजानकी मार्ग के किनारे स्थित आवासीय मकानों और दुकानों के बहुत करीब से 11,000 वोल्ट की हाईटेंशन लाइन गुजर रही है। वर्तमान में सड़क चौड़ीकरण का कार्य चलने के कारण विद्युत पोल और तार अब मकानों की छतों से मात्र कुछ फीट की दूरी पर हैं। इससे लोगों की सुरक्षा पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है।
सड़क चौड़ीकरण बना खतरे की वजह
ज्ञापन में बताया गया कि पहले जहां हाईटेंशन तार अपेक्षाकृत दूर थे, वहीं अब सड़क चौड़ीकरण और नए निर्माणों के चलते खंभे और तार बिल्कुल घरों से सट गए हैं। कई जगह तो स्थिति इतनी गंभीर है कि नंगे तार मकानों की छतों, बालकनियों और दुकानों के ऊपर लटक रहे हैं। स्थानीय निवासी बताते हैं कि बरसात के दौरान अक्सर तारों से चिंगारी और शार्ट-सर्किट जैसी घटनाएं होती रहती हैं। इससे दुर्घटना का खतरा हर समय बना रहता है।
व्यापार मंडल पदाधिकारियों ने कहा
व्यापार मंडल पदाधिकारियों ने कहा कि इलाके के प्रमुख बाजार जैसे महादेवा बाजार मेन रोड, रामजानकी मार्ग, और मसीदां खातून का मकान क्षेत्र के ऊपर से गुजरती इस हाईटेंशन लाइन को तत्काल अंडरग्राउंड किया जाना चाहिए। व्यापार मंडल अध्यक्ष ने कहा, “विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के लिए अब अंडरग्राउंड केबलिंग ही एकमात्र विकल्प बचा है। यदि विभाग ने शीघ्र कार्यवाही नहीं की तो भविष्य में किसी अप्रिय घटना की जिम्मेदारी विद्युत विभाग की होगी।”
ज्ञापन में सुरक्षा को लेकर चेतावनी
ज्ञापन देते समय व्यापारियों और निवासियों ने संयुक्त रूप से चेतावनी दी कि यदि जल्द ही समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि स्थानीय निवासियों ने कई बार वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायत पत्र भेजा, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
स्थानीय निवासियों ने बताई परेशानी
महादेवा बाजार निवासी मसीदां खातून ने बताया कि उनके घर की छत के ठीक ऊपर से हाईटेंशन लाइन गुजर रही है। बारिश या तेज हवा चलने पर घर के अंदर भी डर का माहौल बना रहता है। उन्होंने कहा, “बड़े हादसे का अंदेशा हर वक्त बना रहता है। कई बार वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायत पत्र भेजा गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।” अन्य व्यापारियों ने भी यही चिंता जताई कि बाजार में दुकानों पर काम करने वाले मजदूर, ग्राहक और राहगीर लगातार खतरे में हैं।
विद्युत विभाग से तत्काल कार्रवाई की अपील
व्यापार मंडल ने पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के अधिशासी अभियंता से मांग की कि तत्काल सर्वे कराकर पूरा मार्ग अंडरग्राउंड केबलिंग योजना में शामिल किया जाए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि गोरखपुर शहर के कई हिस्सों में पहले से ही
अंडरग्राउंड लाइनें बिछाई जा चुकी हैं, जिससे दुर्घटना की संभावना लगभग समाप्त हो गई है।
शासन से भी मदद की उम्मीद
लोगों ने जिला प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी हस्तक्षेप की मांग की है।
व्यापारियों का कहना है कि यह विषय केवल विद्युत विभाग का नहीं
बल्कि जनसुरक्षा और नगर विकास से भी जुड़ा है।
यदि संबंधित विभागों का तालमेल बन जाए तो सड़क चौड़ीकरण और अंडरग्राउंडिंग दोनों काम एक साथ किए जा सकते हैं।
इससे भविष्य में किसी भी आपदा या दुर्घटना से बचा जा सकेगा।
विरोध जारी रहेगा
अधिशासी अभियंता को ज्ञापन सौंपने के बाद व्यापारियों ने कहा कि जब तक समस्या का समाधान नहीं होता,
तब तक उनकी मुहिम जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि
यह केवल व्यापारियों का नहीं, बल्कि पूरे कस्बे की सुरक्षा का सवाल है।
अंत में सबने मिलकर यह ठान लिया कि यदि जल्द ही कार्यवाही नहीं की गई तो
वे सामूहिक रूप से धरना या प्रदर्शन के माध्यम से अपनी आवाज बुलंद करेंगे।