उत्तर प्रदेश में 10 सितंबर 2025 के बाद लिए गए नए बिजली कनेक्शन पर स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जा रहे हैं, लेकिन इससे उपभोक्ताओं से अधिक वसूली हो रही है। कई उपभोक्ताओं की शिकायत है कि स्मार्ट मीटर से बिल पहले से ज्यादा आ रहा है। यह अधिक वसूली मीटर रीडिंग, फिक्स्ड चार्जेस और यूनिट रेट में बदलाव से हो रही है। UPPCL (उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड) के नए नियमों के तहत स्मार्ट प्रीपेड मीटर अनिवार्य हो गए हैं, लेकिन उपभोक्ता इसे बोझ बता रहे हैं।
नियम के अनुसार, 10 सितंबर 2025 के बाद नए कनेक्शन पर स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाना जरूरी है। पुराने मीटर वाले उपभोक्ता भी धीरे-धीरे स्मार्ट मीटर पर शिफ्ट हो रहे हैं। स्मार्ट मीटर में रियल टाइम रीडिंग होती है और कोई मानवीय गलती नहीं होती। लेकिन उपभोक्ता कह रहे हैं कि यूनिट ज्यादा दिख रही है और फिक्स्ड चार्ज बढ़ गए हैं। प्रीपेड होने से रिचार्ज खत्म होने पर बिजली कट जाती है, जिससे असुविधा होती है।
उपभोक्ताओं की मुख्य शिकायतें:
- मीटर तेज चलता है।
- फिक्स्ड चार्ज 200-400 रुपये ज्यादा।
- रिचार्ज पर अतिरिक्त सर्विस चार्ज।
- पुराने पोस्टपेड से ज्यादा बिल।
- ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क समस्या।
UPPCL ने कहा कि स्मार्ट मीटर से बिजली चोरी रुकेगी और रीडिंग सटीक होगी। लेकिन उपभोक्ता संगठनों ने अधिक वसूली पर सवाल उठाए हैं। कई जगह शिकायतें दर्ज हुई हैं। नियामक आयोग से जांच की मांग की जा रही है।
नए कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ता सबसे प्रभावित हैं। वे कह रहे हैं कि स्मार्ट मीटर की लागत और चार्जेस से बोझ बढ़ा है। प्रीपेड में बैलेंस खत्म होने पर तुरंत कटौती होती है। ठंड में ज्यादा यूज से बिल बढ़ रहा है।
अधिक वसूली कारण: स्मार्ट मीटर नियम
कारण:
- रियल टाइम रीडिंग।
- फिक्स्ड चार्ज बढ़े।
- प्रीपेड सर्विस चार्ज।
- तेज रीडिंग शिकायत।
- नेटवर्क इश्यू।
- पुराने से तुलना।
- जांच मांग।
शिकायतें बढ़ीं।
उपभोक्ता असंतोष: बिल ज्यादा
उपभोक्ता बोले:
- बिल दोगुना।
- बोझ।
- शिकायत।
- जांच।
- पुराना बेहतर।
- रिचार्ज परेशानी।
- बचत नहीं।
असंतोष।
UPPCL जवाब: सटीक रीडिंग
UPPCL ने:
- स्मार्ट अनिवार्य।
- चोरी रोक।
- सटीक बिल।
- बचत लंबे में।
- शिकायत निवारण।
- अपील।
- सुधार।
जवाब दिया।
सलाह: बिल मॉनिटर करें
सलाह:
- ऐप चेक।
- यूज कम।
- शिकायत दर्ज।
- फिक्स्ड समझें।
- बचत टिप्स।
- अपडेट।
- सावधानी।
