प्रिय देशवासियों और उत्तर प्रदेश के भाइयों-बहनों, फिशरमैन आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रभान निषाद की ओर से फिशरमैन वर्ल्ड न्यूज चैनल के माध्यम से यह नया साल 2026 का स्वागत संदेश आपके हृदय तक पहुंच रहा है। यह मात्र एक तारीख का बदलाव नहीं, बल्कि नई आशाओं, संघर्षों की विजय और निषाद समाज के स्वाभिमान की नई उड़ान का प्रतीक है। ईमानदार समाजसेवी के रूप में वर्षों से मछुआरों के अधिकारों की लड़ाई लड़ते हुए हमने देखा है कि कैसे कठिनाइयां हमें मजबूत बनाती हैं।
नए साल की पूर्व संध्या पर याद आते हैं वे नदी किनारे बिताए वे पल, जब फिशरमैन आर्मी के योद्धा आमी नदी के प्रदूषण के खिलाफ लड़े, राजपत्री अधिकारों के लिए घर-घर पहुंचे। चंद्रभान निषाद का जीवन समर्पण का प्रतीक है – पहले कंपनी फिटर के रूप में मेहनत, फिर समाजसेवा में डुबकी। यह संदेश निषाद समाज, उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से कुशीनगर तक फैले भाइयों के लिए है, जो परिश्रम से जीवन जीते हैं। आइए, इस नए साल में संकल्प लें कि हम अपनी विरासत को मजबूत करेंगे।
भावनात्मक शुभकामनाएं और संकल्प
मेरे प्यारे मछुआरा भाइयों, किसानों, मजदूरों और समस्त देशवासियों – नया साल मुबारक हो! चंद्रभान निषाद का हृदय कहता है कि बीते वर्ष की चुनौतियां – चाहे बाढ़ हो या अधिकारों की लड़ाई – हमें तोड़ न सकीं, बल्कि जोड़ा। फिशरमैन वर्ल्ड न्यूज चैनल आपके दर्द की आवाज बनकर खड़ा है, नए साल 2026 की शुरुआत के साथ ही समाजसेवा के क्षेत्र में सक्रिय ईमानदार समाजसेवी चंद्रभान निषाद ने देश-प्रदेशवासियों को एक बेहद भावुक और हृदयस्पर्शी संदेश भेजा है।
ईमानदारी और सेवा का प्रतीक
चंद्रभान निषाद पिछले कई वर्षों से निषाद, मछुआरा और पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए निरंतर कार्यरत हैं। चाहे वह गरीब परिवारों की मदद हो, नदी-तालाबों से जुड़े लोगों की आजीविका की लड़ाई हो या सामाजिक न्याय के लिए आवाज उठाना—उनकी हर पहल में ईमानदारी और पारदर्शिता साफ झलकती है। वे मानते हैं कि समाजसेवा कोई पद या पदवी नहीं, बल्कि दिल की पुकार है। 2026 को वे “सेवा, समर्पण और संकल्प का वर्ष” बता रहे हैं।
अपने संदेश में उन्होंने कहा, “प्रिय देशवासियों, प्रदेशवासियों, नए साल 2026 में हम सब मिलकर उन सपनों को साकार करेंगे, जिनके लिए हमारी माताएं-बहनें रात-दिन संघर्ष करती हैं। गरीबी, बेरोजगारी और अन्याय के खिलाफ हमारी लड़ाई अब और मजबूत होगी। ईमानदारी से जीना और दूसरों की मदद करना ही हमारा सबसे बड़ा हथियार है।”
भावनात्मक अपील और आशा की किरण
चंद्रभान जी का संदेश विशेष रूप से भावुक इसलिए है क्योंकि इसमें वे अपनी व्यक्तिगत यात्रा को भी जोड़ते हैं। उन्होंने बताया कि कैसे निषाद समाज की पीढ़ियां सदियों से नदियों के किनारे संघर्ष करती आई हैं, लेकिन अब समय बदल रहा है। शिक्षा, रोजगार, सम्मान और सम्मिलित विकास की दिशा में युवा पीढ़ी को आगे बढ़ना होगा। उन्होंने खास तौर पर युवाओं से अपील की कि वे नशे, जातिवाद और नकारात्मकता से दूर रहें और समाजसेवा को अपना लक्ष्य बनाएं।
“यह नया साल सिर्फ कैलेंडर बदलने का नाम नहीं, बल्कि अपने भीतर बदलाव लाने का अवसर है।
आइए, हम सब मिलकर एक ऐसा भारत बनाएं जहां कोई भूखा न सोए,
कोई बिना सम्मान के न जिए। मेरी कामना है कि
2026 में हर घर में खुशियां आएं, हर आंख में आंसू की जगह मुस्कान हो,”—
यह शब्द उनके संदेश के सबसे मार्मिक हिस्से हैं।
समाज के लिए संकल्प
चंद्रभान निषाद ने अपने संदेश में पर्यावरण संरक्षण, नदियों की सफाई,
महिलाओं के सशक्तिकरण और युवा रोजगार पर भी जोर दिया।
वे कहते हैं कि समाजसेवा तभी सार्थक होती है, जब वह समावेशी हो।
निषाद, केवट, मल्लाह, कहार और अन्य पिछड़े समुदायों के साथ-साथ पूरे देश के
हर नागरिक को साथ लेकर चलना ही सच्ची प्रगति है।
निष्कर्ष
चंद्रभान निषाद का यह भावनात्मक संदेश हमें याद दिलाता है कि नए साल की खुशियां तभी सच्ची होती हैं,
जब वे सबके साथ बंटी हों।
उनकी ईमानदारी और समर्पण की भावना लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है।
आइए, हम सब उनके इस संदेश को अपनाएं और 2026 को सेवा, एकता और विकास का वर्ष बनाएं।
चंद्रभान जी की ओर से पूरे देश-प्रदेश को नववर्ष 2026 की हार्दिक शुभकामनाएं! जय हिंद, जय निषाद!
