उत्तर भारत में सर्दी ने अपना पूरा रौद्र रूप दिखा दिया है। पहाड़ों से लेकर मैदानों तक घना कोहरा छाया हुआ है और शीतलहर का कहर जारी है। कई शहरों में दृश्यता 50 मीटर से भी कम हो गई है, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। 26 दिसंबर 2025 को मौसम विभाग ने कई राज्यों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। दिल्ली, यूपी, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और हिमाचल तक कोहरा और ठंड ने लोगों को घरों में कैद कर दिया है।
तापमान सामान्य से 5-8 डिग्री कम हो गया है और रात में पारा और गिर रहा है। कोहरे से ट्रेनें और फ्लाइट्स लेट हो रही हैं, सड़कों पर हादसे बढ़ गए हैं। पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी के बाद ठंडी हवाएं मैदानों में पहुंच रही हैं। यह मौसम स्वास्थ्य के लिए भी खतरा बन रहा है – सांस की बीमारियां, जोड़ों का दर्द और वायरल फीवर के मामले बढ़े हैं। मौसम विशेषज्ञों ने कहा कि अगले कुछ दिनों तक राहत की उम्मीद कम है।
यह शीतलहर उत्तर भारत की अर्थव्यवस्था और दैनिक जीवन को प्रभावित कर रही है। किसान फसलों की चिंता कर रहे हैं और बाजारों में भीड़ कम है। यह मौसम सर्दी की मार का प्रतीक बन गया है। इस ब्लॉग में हम उत्तर भारत के कोहरे और शीतलहर की पूरी स्थिति, प्रभावित शहर, अलर्ट, स्वास्थ्य जोखिम और बचाव टिप्स बताएंगे। यदि आप उत्तर भारत में हैं, तो यह अपडेट आपके लिए जरूरी है।
घना कोहरा: दृश्यता 50 मीटर से कम
उत्तर भारत में कोहरा बेहद घना है। मुख्य स्थिति:
- कई शहरों में विजिबिलिटी 50 मीटर से कम।
- दिल्ली, लखनऊ, पटना, अमृतसर।
- सुबह से शाम तक छाया।
- हाईवे और एयरपोर्ट प्रभावित।
- पहाड़ों से ठंडी हवाएं।
- बर्फबारी के बाद कोहरा बढ़ा।
मौसम विभाग ने कहा कि कोहरा अगले दिनों तक रहेगा।

शीतलहर का कहर: पहाड़ों से मैदानों तक
शीतलहर ने उत्तर भारत को जकड़ लिया है:
- हिमाचल, उत्तराखंड में बर्फबारी।
- यूपी, बिहार में तापमान 4-8 डिग्री।
- राजस्थान, पंजाब ठंडे।
- रात में सबसे ज्यादा।
- दिन में भी ठिठुरन।
- सामान्य से कम तापमान।
यह शीतलहर रिकॉर्ड तोड़ रही है।
जनजीवन प्रभावित: लेट ट्रेन-फ्लाइट
कोहरे और ठंड से:
- 100+ ट्रेनें लेट।
- कई फ्लाइट्स डिले/कैंसिल।
- सड़क हादसे।
- बाजार सूने।
- स्कूल प्रभावित।
- मजदूर काम पर नहीं।
- बिजली खपत बढ़ी।
यात्रा मुश्किल हो गई है।
स्वास्थ्य जोखिम: बीमारियां बढ़ीं
ठंड और कोहरे से खतरे:
- सांस की समस्या।
- जोड़ दर्द।
- वायरल फीवर।
- हार्ट अटैक जोखिम।
- बच्चे-बुजुर्ग प्रभावित।
- अस्पतालों में भीड़।
डॉक्टरों ने सावधानी सलाह दी।