नौसढ़ क्षेत्र में 885 मीटर लंबा फ्लाईओवर बनेगा
चौराहों में से एक नौसढ़ चौराहे पर अब बड़ा बदलाव आने वाला है। यहां 885 मीटर लंबा फ्लाईओवर बनाने की योजना तेजी से आगे बढ़ रही है। इस फ्लाईओवर के बनने से शहर के अंदर ट्रैफिक जाम से काफी हद तक निजात मिलेगी और वाहन चालक बिना रुके रिंग रोड, NH-2 (ग्रैंड ट्रंक रोड) और NH-19 की तरफ जा सकेंगे।
फ्लाईओवर की मुख्य विशेषताएं
- लंबाई – 885 मीटर (लगभग 0.885 किलोमीटर)
- चौड़ाई – 10.5 मीटर (दो लेन ट्रैफिक के लिए)
- उद्देश्य – नौसढ़ चौराहे से सीधे रिंग रोड और बाबतपुर एयरपोर्ट की तरफ जाने वाले वाहनों को बिना सिग्नल रुकावट के गुजरने देना
- रूट – नौसढ़ से शुरू होकर लहरतारा, बाबतपुर और फिर NH-2 की तरफ कनेक्ट होगा
- प्रकार – आरसीसी (Reinforced Cement Concrete) आधारित एलिवेटेड स्ट्रक्चर
यह फ्लाईओवर नौसढ़ से लहरतारा रोड को जोड़ेगा, जिससे लहरतारा, लोहता, बाबतपुर, बाबतपुर एयरपोर्ट और रिंग रोड की तरफ जाने वाले वाहन चौराहे पर रुकने से बच सकेंगे। इससे रोजाना हजारों वाहनों का समय बचेगा और ईंधन की बचत होगी।
DPR और मंजूरी की स्थिति
जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग (PWD) ने पहले ही डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार कर ली है। DPR में पर्यावरण प्रभाव, भूमि अधिग्रहण, लागत अनुमान और तकनीकी डिजाइन शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार DPR को राज्य सरकार की ओर से जल्द ही मंजूरी मिलने वाली है। मंजूरी मिलते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू हो जाएगी और निर्माण कार्य 2026 के अंत तक शुरू होने की उम्मीद है।
अनुमानित लागत और समयसीमा
- अनुमानित लागत – करीब 220-250 करोड़ रुपये
- निर्माण अवधि – 24-30 महीने (मंजूरी के बाद)
- फंडिंग – केंद्र और राज्य सरकार की साझेदारी में (स्मार्ट सिटी और NH प्रोजेक्ट के तहत)
ट्रैफिक समस्या का समाधान
नौसढ़ चौराहा वाराणसी का सबसे व्यस्त चौराहा है। यहां रोजाना सुबह-शाम घंटों जाम लगता है। भारी वाहन, ऑटो, ई-रिक्शा और कारों की वजह से सिग्नल पर 20-30 मिनट तक रुकना पड़ता है। फ्लाईओवर बनने से:
- भारी वाहन सीधे ऊपर से गुजर सकेंगे
- स्थानीय ट्रैफिक के लिए नीचे का रास्ता खुला रहेगा
- एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को समय की बचत होगी
- प्रदूषण में कमी आएगी
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
नौसढ़ और लहरतारा के व्यापारियों और निवासियों ने इस प्रोजेक्ट का स्वागत किया है। एक स्थानीय व्यापारी ने कहा, “सालों से जाम में फंसकर परेशान हैं। फ्लाईओवर बनने से कारोबार भी बढ़ेगा और समय भी बचेगा।” वहीं कुछ लोगों ने भूमि अधिग्रहण और निर्माण के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था पर चिंता जताई है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि निर्माण के दौरान वैकल्पिक रूट और ट्रैफिक मैनेजमेंट का पूरा इंतजाम होगा।
वाराणसी में अन्य ट्रैफिक प्रोजेक्ट्स
नौसढ़ फ्लाईओवर के अलावा वाराणसी में कैंट रेलवे स्टेशन फ्लाईओवर,
लहरतारा-मंडुवाडीह फ्लाईओवर और रिंग रोड विस्तार जैसे प्रोजेक्ट्स भी चल रहे हैं।
इन सभी से शहर में ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा सुधार होने की उम्मीद है।
नौसढ़ फ्लाईओवर वाराणसी के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा,
जो शहर को आधुनिक और जाम-मुक्त बनाने की दिशा में बड़ा योगदान देगा।
DPR की मंजूरी का इंतजार अब बस कुछ दिनों का है।
