8 साल के मासूम की हत्या
कैसे मिला लाल बक्सा?
मंगलवार सुबह करीब 8 बजे इज्जतनगर थाना क्षेत्र के नकटिया नदी के किनारे ग्रामीण खेतों की ओर जा रहे थे। नदी के पुल के नीचे एक संदिग्ध लाल रंग का प्लास्टिक बक्सा पड़ा देखा, जो नदी किनारे रखा हुआ था। बक्सा लाल रंग का होने से ग्रामीणों को लगा शायद कोई सामान होगा, लेकिन उत्सुकता में उन्होंने उसे खोला। अंदर का दृश्य देखते ही सब दहल गए – एक 8 साल के बच्चे का शव, खून से लथपथ और मुंह पर पट्टी बंधी हुई। शव को बक्से में ठूंसकर सील किया गया था, जो साफ बताता है कि हत्या कहीं और हुई और शव को यहां फेंक दिया गया।
ग्रामीणों ने तुरंत हंगामा मचा दिया और हेल्पलाइन 112 पर कॉल किया। देखते ही देखते सैकड़ों लोग मौके पर जमा हो गए। एक ग्रामीण ने बताया, “बक्सा लाल था, लगा कोई त्योहार का सामान होगा। लेकिन अंदर बच्चे का शव देखकर खून जम गया। बच्चा बहुत छोटा था, लगभग 8 साल का।” घटनास्थल पर खून के धब्बे और बक्से के आसपास के निशान मिले, जो पुलिस के लिए सुराग बन सकते हैं।
हत्या का संदिग्ध कारण: तंत्र-मंत्र की आशंका?
पुलिस के प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक, हत्या का कारण अंधविश्वास या तंत्र-मंत्र हो सकता है। लाल रंग का बक्सा और शव को सील करना इसकी ओर इशारा करता है। बरेली और आसपास के जिलों में पहले भी बच्चों के साथ ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जहां कथित तांत्रिक अनुष्ठानों के नाम पर हत्याएं की गईं। एसएसपी लघिमा सिंह ने बताया, “शव का पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में गला दबाने या सिर पर चोट के निशान मिले हैं। हत्या कहीं और हुई लगती है।” पुलिस ने आसपास के 5 किमी क्षेत्र के CCTV कैमरे चेक करने के आदेश दिए हैं, खासकर हाईवे पर लगे कैमरों से बक्से को ले जाते वाहन का पता लगाने की कोशिश हो रही है।
पुलिस की तत्करार कार्रवाई: जांच में जुटी टीमें
इज्जतनगर थाने के प्रभारी विजयेंद्र सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने साइट को सील कर साक्ष्य संग्रह किया। शव को जिला अस्पताल के लिए भेजा गया, जहां पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने पर मौत का सटीक कारण स्पष्ट होगा। डीआईजी बरेली ने विशेष जांच टीम गठित की है, जिसमें स्थानीय खुफिया तंत्र भी शामिल है। पुलिस ने मिसिंग चाइल्ड की रिपोर्ट्स चेक कीं, लेकिन अब तक कोई मैच नहीं मिला। आसपास के गांवों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, ताकि कोई परिवार रिपोर्ट करे।
परिवार की तलाश: कौन था मासूम?
पीड़ित बच्चे की उम्र 8 साल बताई जा रही है, लेकिन नाम, पता या परिवार की कोई जानकारी नहीं मिली।
कपड़ों से लगता है कि वह गरीब परिवार का था।
पुलिस ने सोशल मीडिया और स्थानीय चैनलों पर बच्चे की फोटो जारी करने पर विचार कर रही है।
यदि कोई परिवार रिपोर्ट करता है, तो डीएनए टेस्ट से शिनाख्त संभव है।
बरेली में बढ़ते अपराध: अंधविश्वास का काला साया
यह घटना बरेली में बच्चों के खिलाफ बढ़ते अपराधों की पोल खोलती है।
पिछले साल ही इज्जतनगर में एक 5 साल की बच्ची के साथ बलात्कार और हत्या
का मामला सुर्खियों में रहा था।
अंधविश्वास से जुड़े अपराधों पर रोक लगाने के लिए