लखनऊ में एक बड़ी जीएसटी चोरी का मामला सामने आया है, जिसमें लोहे के कारोबारियों ने करीब 341 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी की है। जीएसटी विभाग की जांच में यह खुलासा हुआ कि 122 फर्जी फर्मों के जरिए 1811 करोड़ रुपये के कागजों में कारोबार किया गया, जबकि असल में यह व्यापार केवल कागजों तक ही सीमित था। इस मामले में नौ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है
कैसे खुला फर्जीवाड़ालोहे के दो तस्करों की गिरफ्तारी के बाद जांच शुरू हुई। पूछताछ में पता चला कि मास्टरमाइंड ने फर्जी दस्तावेज बनवाने के लिए 25 हजार रुपये में आधार कार्ड और फोटो इकट्ठा करवाए। इन दस्तावेजों की मदद से 122 कंपनियां फर्जी तरीके से रजिस्टर्ड की गईं। मुख्य आरोपी फर्मों के नाम पर फर्जी बिल बनाकर इनपुट टैक्स क्रेडिट के जरिए सरकार को बड़ा चूना लगा रहा था।
कितनी हुई चोरी और किस तरहजांच में सामने आया कि इन फर्जी फर्मों ने 1811 करोड़ रुपये की इनवॉयस दिखाई, जिनमें छूट और इनपुट टैक्स क्रेडिट के तौर पर कुल 341 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी की गई। गिरफ्तार लोगों ने बताया कि असली व्यापार तो सिर्फ कागजों पर था, असल में कोई बड़ा कारोबार नहीं किया गया।