गोरखपुर नगर निगम ने अब अपने सभी काम डिजिटल तरीके से करने की व्यवस्था लागू कर दी है।
ई-ऑफिस सिस्टम के जरिए फाइलें अब कागज पर नहीं बल्कि कम्प्यूटर पर डिजिटल फॉर्मेट में एक अधिकारी से दूसरे अधिकारी तक कुछ ही मिनटों में पहुंचेंगी। इस व्यवस्था से कामकाज तेज होगा,
पारदर्शिता बढ़ेगी, भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा और अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित होगी। डिजिटल सिग्नेचर से ऑनलाइन फाइलों के सत्यापन और अनुमोदन होंगे, जिससे दस्तावेजों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। नागरिक भी ऑनलाइन अपने आवेदन ट्रैक कर सकेंगे,
जिससे दफ्तरों में दौड़-भाग कम होगी। यह कदम गोरखपुर को उत्तर प्रदेश में स्मार्ट सिटी के तहत डिजिटल प्रशासन की दिशा में अग्रणी नगर निगम बनाता है
डिजिटल व्यवस्था के फायदे
फाइलें टेबल से टेबल नहीं, कंप्यूटर से कंप्यूटर तक तुरंत पहुंचेंगी।
पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी, जिससे निगम प्रशासन की छवि बेहतर होगी।
डिजिटल सिग्नेचर सिस्टम से भ्रष्टाचार कम होगा।
नागरिकों को ऑनलाइन आवेदन ट्रैक करने की सुविधा मिलेगी, जिससे कार्यालय चक्कर कम होंगे।
ई-ऑफिस सिस्टम पेपरलेस प्रशासन की दिशा में एक बड़ा कदम है।
स्मार्ट सिटी के लिए महत्व
गोरखपुर नगर निगम का यह डिजिटलाइजेशन पहल स्मार्ट सिटी मिशन के तहत प्रशासन को आधुनिक और प्रभावी बनाने में सहायक है और इसे उत्तर प्रदेश में नई पहचान दिलाएगा