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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में ASEAN-भारत शिखर सम्मेलन में भारत और दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों (ASEAN) के सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक संबंधों को ऐतिहासिक और गहरे बताया है
भारत और ASEAN देशों के बीच सांस्कृतिक संबंध हजारों वर्षों पुराने हैं। हिंदुत्व और बौद्ध धर्म की जड़ें भारत से दक्षिण-पूर्व एशिया तक फैली हैं और प्राचीन कांस्य, स्थापत्य कला, भाषा, साहित्य, और धार्मिक परंपराएं दोनों क्षेत्रों में साझा हुई हैं। इंडोनेशिया, थाईलैंड, कंबोडिया जैसे देशों में भारतीय महाकाव्य जैसे रामायण-महाभारत के विषय, मंदिर स्थापत्य (जैसे अंगकोरवाट, बोरोबुदुर), और संस्कृत के शब्दों का बड़ा असर देखा जाता है
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा, “हम केवल भौगोलिक पड़ोसी ही नहीं, बल्कि गहरे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों की डोर से जुड़े हैं। हम वैश्विक दक्षिण के सहयात्री हैं और व्यापारिक के साथ-साथ सांस्कृतिक साझेदार भी हैं।” उन्होंने भारत-ASEAN संबंधों को वैश्विक स्थिरता और विकास के लिए मजबूत नींव बताया है
भारत-ASEAN की साझेदारी सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं, बल्कि मानवीय सहायता, आपदा राहत, समुद्री सुरक्षा, शिक्षा, विज्ञान और संस्कृति में भी निरंतर बढ़ रही है