लखनऊ:
प्रदेश में बिगड़ी हुई यातायात व्यवस्था को सुधारने और उसे बेहतर बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। इसके तहत नागरिक पुलिस के 5000 कर्मियों को यातायात निदेशालय में लगाया जाएगा। इनमें से 557 महिला पुलिसकर्मी भी शामिल होंगी।
इस कार्यवाही के लिए डीजीपी मुख्यालय ने यातायात निदेशालय को नागरिक पुलिस के 5000 कर्मी आवंटित करने का निर्णय लिया है। इन पुलिसकर्मियों को पहले उचित प्रशिक्षण दिया जाएगा और उसके बाद इन्हें सभी कमिश्नरेट और जिलों में तैनात किया जाएगा।
गोरखपुर जोन में भी 500 पुलिसकर्मी मिलेंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में यह घोषणा की थी कि यातायात पुलिस में महिलाओं का अलग विंग बनाया जाएगा। साथ ही यातायात कर्मियों की कमी को देखते हुए 10 हजार पदों पर नई भर्ती करने का भी निर्देश दिया गया था।
नई व्यवस्था का ब्योरा
एडीजी यातायात के. सत्यनारायण द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि
- प्रदेश के सभी 7 पुलिस कमिश्नरेटों को 225-225 पुलिसकर्मी दिए जाएंगे।
- इनमें इंस्पेक्टर, सब इंस्पेक्टर, हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल शामिल होंगे।
फिलहाल महिला हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल को ही यातायात संबंधी कार्य सौंपे गए हैं।
नागरिक पुलिस से भेजे गए सभी पुलिसकर्मियों को एक माह का यातायात प्रबंधन कोर्स कराए जाने के बाद स्थायी रूप से तैनात किया जाएगा।
👉 इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि प्रदेश में जो यातायात व्यवस्था अव्यवस्थित हो चुकी है, उसे नए प्रशिक्षण प्राप्त पुलिसकर्मी बेहतर ढंग से संभालें और लोगों को जाम व अन्य समस्याओं से राहत मिले।
