ईरान में फंसे अवध के 500 लोग: न जा रहा फोन और न आ रहा मैसेज, बिगड़ते हालात के बीच परिजनों की बढ़ रही धड़कनें

ईरान संकट: अवध के 500 प्रवासी फंसे, संपर्क टूटा, परिवारों में मचा हाहाकार – जान की सलामती की दुआएं

*ईरान में तेजी से बिगड़ते राजनीतिक और सुरक्षा हालात के बीच उत्तर प्रदेश के अवध क्षेत्र (लखनऊ, बाराबंकी, सीतापुर, रायबरेली, फैजाबाद, सुल्तानपुर आदि जिलों) के करीब 500 मजदूर, छात्र और व्यापारी फंसे हुए हैं। पिछले 48 घंटों से इनके परिजनों से कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है। फोन नेटवर्क डाउन, मैसेज नहीं पहुंच रहे और सोशल मीडिया पर भी कोई अपडेट नहीं मिल रहा। परिवारों में चिंता और बेचैनी का माहौल है, हर कोई अपनों की जान की सलामती के लिए दुआ मांग रहा है।

ईरान में क्या बिगड़ रहा है हालात?

ईरान में हाल के दिनों में विरोध प्रदर्शन, इंटरनेट ब्लैकआउट और सैन्य तनाव बढ़ने की वजह से कई शहरों में मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह बंद हो चुकी हैं। तेहरान, इस्फहान, मशहद और शिराज जैसे बड़े शहरों में स्थिति सबसे ज्यादा नाजुक बताई जा रही है। ऐसे में विदेशी नागरिकों और प्रवासियों के लिए संचार का कोई माध्यम नहीं बचा है। भारतीय दूतावास ने भी एडवाइजरी जारी की है कि लोग सुरक्षित जगहों पर रहें और अनावश्यक बाहर न निकलें।

अवध के इन 500 लोगों में ज्यादातर मजदूर हैं जो ईरान के निर्माण, ऑयल रिफाइनरी और फैक्टरियों में काम करते थे। कुछ छात्र भी शामिल हैं जो वहां उच्च शिक्षा के लिए गए थे। परिवारों का कहना है कि ये लोग पिछले कुछ महीनों से नियमित संपर्क में थे, लेकिन बुधवार रात से अचानक साइलेंस छा गया।

परिवारों की व्यथा और बढ़ती चिंता

लखनऊ के गोमतीनगर में रहने वाली रुखसाना बेगम बताती हैं, “मेरा बेटा वहां मजदूरी करता था। रोज रात को कॉल करता था। कल से फोन नहीं लग रहा, मैसेज भी नहीं जा रहा। रात भर नींद नहीं आई, बस दुआ मांग रही हूं कि अल्लाह उसकी हिफाजत करे।”

बाराबंकी के एक गांव में रहने वाले शाहिद अली का बेटा ईरान में ड्राइवर था। उन्होंने कहा, “हमने भारतीय दूतावास को मैसेज किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। टीवी पर खबरें देखकर दिल कांप जाता है।”

सीतापुर, रायबरेली और फैजाबाद के दर्जनों परिवारों ने स्थानीय प्रशासन और विदेश मंत्रालय से अपील की है कि जल्द से जल्द अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने की व्यवस्था की जाए।

कई परिवार सोशल मीडिया पर जैसे हैशटैग के साथ पोस्ट कर रहे हैं और मदद मांग रहे हैं।

भारतीय दूतावास और सरकार की ओर से अपडेट

भारतीय दूतावास तेहरान ने एक बयान में कहा है कि वह स्थिति पर नजर रखे हुए है और

फंसे भारतीय नागरिकों से संपर्क करने की कोशिश कर रहा है।

हालांकि इंटरनेट ब्लैकआउट के कारण यह काम मुश्किल हो रहा है।

विदेश मंत्रालय ने एडवाइजरी जारी करते हुए कहा है कि ईरान जाने वाले

भारतीय नागरिक सतर्क रहें और भारतीय दूतावास के संपर्क में बने रहें।

अवध के सांसदों और विधायकों ने भी इस मुद्दे को उठाया है और

केंद्र सरकार से त्वरित राहत कार्यवाही की मांग की है।

दुआओं का सिलसिला जारी

जब तक संपर्क बहाल नहीं होता, अवध के इन परिवारों की धड़कनें थमने वाली नहीं हैं।

हर घर में बस एक ही गुहार है – अपनों को सुरक्षित वापस लौटाओ।

ईरान में फंसे इन 500 लोगों की सलामती के लिए पूरे अवध क्षेत्र में दुआओं का सिलसिला जारी है।

उम्मीद है कि जल्द ही स्थिति सामान्य होगी और सभी सुरक्षित घर लौट आएंगे।

अल्लाह सबकी हिफाजत फरमाए।