माघ मेला के लिए चलने वाली 5 जोड़ी स्पेशल ट्रेनें निरस्त: श्रद्धालुओं को बड़ा झटका – रेलवे ने लिया फैसला, वैकल्पिक व्यवस्था पर फोकस

माघ मेला 2026 के लिए रेलवे द्वारा घोषित 5 जोड़ी स्पेशल ट्रेनें निरस्त कर दी गई हैं। यह फैसला श्रद्धालुओं के लिए बड़ा झटका है, जो मेला में स्नान और दर्शन के लिए प्रयागराज पहुंचने की योजना बना रहे थे। निरस्त ट्रेनें विभिन्न रूटों से प्रयागराज आने वाली थीं, जिससे लाखों भक्तों को सुविधा मिलनी थी। रेलवे ने यह कदम परिचालन कारणों से उठाया है।

माघ मेला जनवरी से शुरू हो रहा है और मुख्य स्नान पर्वों पर भीड़ चरम पर होगी। स्पेशल ट्रेनें गोरखपुर, लखनऊ, दिल्ली, पटना और अन्य शहरों से चलनी थीं। निरस्ती से इन रूटों के यात्री प्रभावित होंगे। रेलवे ने कहा कि नियमित ट्रेनें और अतिरिक्त कोच से व्यवस्था की जाएगी। लेकिन श्रद्धालु चिंतित हैं कि भीड़ में यात्रा मुश्किल होगी।

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि स्पेशल ट्रेनें निरस्त करने का कारण लाइन मेंटेनेंस और अन्य परिचालन कार्य हैं। कुछ ट्रेनें पहले से ही अन्य मेले या त्योहारों के लिए बुक हैं। निरस्त ट्रेनों की लिस्ट में गोरखपुर-प्रयागराज, लखनऊ-प्रयागराज और दिल्ली-प्रयागराज स्पेशल शामिल हैं। यात्रियों को रिफंड मिलेगा।

श्रद्धालु कह रहे हैं कि स्पेशल ट्रेनें जरूरी थीं, क्योंकि मेला में लाखों लोग आते हैं। निरस्ती से टिकट ब्लैक और महंगी हो सकती है। रेलवे ने अपील की है कि नियमित ट्रेनें बुक करें और IRCTC चेक करें। अतिरिक्त कोच लगाए जाएंगे।

माघ मेला में बस और अन्य साधनों से भी व्यवस्था है। लेकिन ट्रेन सबसे सुविधाजनक है। निरस्ती से पूर्वांचल और बिहार के श्रद्धालु ज्यादा प्रभावित होंगे। रेलवे ने कहा कि स्थिति पर नजर है और जरूरत पड़ी तो नई ट्रेनें चलाई जाएंगी।

यह फैसला मेला तैयारी पर असर डालेगा। श्रद्धालु वैकल्पिक प्लान बना रहे हैं। यदि आप मेला जा रहे हैं, तो जल्द बुकिंग करें।

निरस्त ट्रेनें: प्रभावित रूट

निरस्त ट्रेनों में:

  • गोरखपुर-प्रयागराज।
  • लखनऊ-प्रयागराज।
  • दिल्ली-प्रयागराज।
  • पटना-प्रयागराज।
  • अन्य स्पेशल।
  • 5 जोड़ी कुल।
  • रिफंड प्रक्रिया।

रूट प्रभावित।

कारण: परिचालन कार्य

रेलवे ने कहा:

  • मेंटेनेंस।
  • अन्य बुकिंग।
  • लाइन कार्य।
  • सुरक्षा।
  • अतिरिक्त कोच।
  • नियमित ट्रेनें।
  • अपडेट।

कारण परिचालन।

श्रद्धालुओं पर असर: परेशानी

असर:

  • यात्रा मुश्किल।
  • भीड़ बढ़ेगी।
  • टिकट महंगी।
  • वैकल्पिक साधन।
  • पूर्वांचल प्रभावित।
  • प्लान बदलाव।
  • चिंता।

परेशानी बढ़ी।

वैकल्पिक व्यवस्था: रेलवे प्लान

रेलवे ने:

  • अतिरिक्त कोच।
  • नियमित ट्रेनें।
  • बस सहयोग।
  • IRCTC बुकिंग।
  • हेल्पलाइन।
  • अपडेट।
  • सुविधा।

व्यवस्था की कोशिश।