गोरखपुर नगर निगम ने शहर के विस्तारित क्षेत्र बड़गो में बड़ी कार्रवाई की है। हाल ही में संपन्न संपत्ति सर्वे के आधार पर 3314 नई संपत्तियों को हाउस टैक्स के दायरे में लाया गया है। इससे निगम की आय में काफी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। यह सर्वे निगम के स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट और डिजिटल टैक्स सिस्टम को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है।
सर्वे का उद्देश्य और प्रक्रिया
बड़गो क्षेत्र गोरखपुर शहर का तेजी से विकसित हो रहा हिस्सा है, जहां पिछले 10-15 सालों में बड़ी संख्या में आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियां बनी हैं। लेकिन अधिकांश संपत्तियां अब तक हाउस टैक्स के रिकॉर्ड से बाहर थीं। नगर निगम ने जनवरी 2025 से अक्टूबर 2025 तक विशेष टीम बनाकर बड़गो के सभी वार्डों में घर-घर सर्वे कराया।
सर्वे में ड्रोन मैपिंग, जीआईएस टेक्नोलॉजी और मोबाइल ऐप का इस्तेमाल किया गया। टीम ने प्रत्येक संपत्ति का फोटो, मालिक का नाम, प्लॉट का क्षेत्रफल, निर्माण का प्रकार (आवासीय/व्यावसायिक), मंजिलों की संख्या और बिजली/पानी कनेक्शन की जानकारी एकत्र की। कुल 3314 संपत्तियां ऐसी पाई गईं जो पहले हाउस टैक्स से पूरी तरह बाहर थीं। इनमें मुख्य रूप से नई कॉलोनियां, अपार्टमेंट, दुकानें और छोटे-मोटे व्यावसायिक परिसर शामिल हैं।
नई संपत्तियों पर टैक्स कितना लगेगा?
नगर निगम के अनुसार, नई संपत्तियों पर हाउस टैक्स का आकलन 2026-27 के वित्तीय वर्ष से लागू होगा। टैक्स की गणना सर्किल रेट, निर्माण क्षेत्र और संपत्ति का प्रकार के आधार पर की जाएगी। अनुमान है कि औसतन एक आवासीय संपत्ति पर सालाना 2000 से 8000 रुपये और व्यावसायिक संपत्ति पर 5000 से 25,000 रुपये तक टैक्स लग सकता है। इससे निगम को बड़गो से ही करीब 2.5 से 3 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होने की संभावना है।
नोटिस जारी और भुगतान की सुविधा
नगर निगम ने सभी 3314 संपत्ति मालिकों को टैक्स नोटिस भेजना शुरू कर दिया है। नोटिस में संपत्ति का विवरण, टैक्स राशि और ऑनलाइन भुगतान का लिंक दिया गया है।
मालिक गोरखपुर नगर निगम की आधिकारिक वेबसाइट (gorakhpurnagarnigam.in) या नगर निगम मोबाइल ऐप के जरिए टैक्स जमा कर सकते हैं।
निगम ने एकमुश्त भुगतान पर 10% छूट और किश्तों में भुगतान की सुविधा भी दी है।
यदि कोई मालिक सर्वे में गलती मानता है, तो वह 30 दिनों के अंदर आपत्ति दर्ज करा सकता है।
क्यों जरूरी थी यह कार्रवाई?
गोरखपुर नगर निगम लगातार राजस्व बढ़ाने के प्रयास में जुटा है।
बड़गो जैसे विस्तारित क्षेत्रों से टैक्स न मिलने के कारण निगम की आय प्रभावित हो रही थी।
अब इन नई संपत्तियों को शामिल करने से:
- सड़क, नाली, प्रकाश व्यवस्था और सफाई जैसी सेवाओं में सुधार होगा।
- स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट को फंड मिलेगा।
- टैक्स सिस्टम में पारदर्शिता बढ़ेगी।
विकास के साथ टैक्स जिम्मेदारी
बड़गो में 3314 नई संपत्तियों को हाउस टैक्स के दायरे में लाना गोरखपुर के शहरी विकास की नई मिसाल है।
नगर निगम का यह कदम न केवल राजस्व बढ़ाएगा,
बल्कि शहर की बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने में भी मदद करेगा।
संपत्ति मालिकों से अपील है कि वे समय पर टैक्स जमा करें और शहर के विकास में सहयोग दें।