फैशन टीवी के नाम पर देशभर में करोड़ों की ठगी
भारत में तेजी से बढ़ते फ्रेंचाइजी बिजनेस मॉडल के बीच एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है, जिसमें “फैशन टीवी” के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी की गई। इस मामले में रामगढ़ताल पुलिस ने मुंबई से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ा खुलासा किया है। आरोपियों ने देशभर के महत्वाकांक्षी उद्यमियों को अपना निशाना बनाया और उन्हें बड़े ब्रांड की फ्रेंचाइजी दिलाने का झांसा देकर करोड़ों रुपये ऐंठ लिए।
कैसे रचा गया ठगी का पूरा खेल
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी खुद को फैशन टीवी कंपनी का अधिकारी बताकर लोगों को एफ बार, लाउंज, कैफे और सलून की फ्रेंचाइजी देने का दावा करते थे। इसके लिए वे लोगों को मुंबई के सांताक्रूज स्थित अपने ऑफिस में बुलाते थे। यहां पर उन्हें बड़े-बड़े वादे और नकली दस्तावेज दिखाकर भरोसा दिलाया जाता था।
इसके बाद फ्रेंचाइजी देने के नाम पर 12.50 लाख रुपये से लेकर एक करोड़ रुपये तक वसूले जाते थे। समझौता पत्र पर जाली हस्ताक्षर कर पीड़ितों को सौंप दिया जाता था, जिससे उन्हें लंबे समय तक धोखे का पता नहीं चलता था।
बैंक खातों के जरिए किया जाता था लेन-देन
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी एक्सिस बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और फेडरल बैंक की विले पार्ले शाखाओं में पैसे ट्रांसफर करवाते थे। इससे यह ठगी का नेटवर्क काफी संगठित और योजनाबद्ध तरीके से संचालित किया जा रहा था।
कौन हैं गिरफ्तार आरोपी
पुलिस ने जिन तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें काशिफ खान उर्फ कशीफ सरदार हाशिम खान मलिक, ऑपरेशन हेड कृष्णा देवी और वित्त नियंत्रक नवीन आहूजा शामिल हैं। ये सभी खुद को कंपनी के बड़े पदाधिकारी बताकर लोगों का विश्वास जीतते थे।
इस मामले में एक अन्य आरोपी वैभव मणि त्रिपाठी को पहले ही जेल भेजा जा चुका है, जबकि एक महिला कर्मचारी की तलाश अभी भी जारी है।
पीड़िता की शिकायत से खुला पूरा मामला
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब जूही सिंह, जो कि पार्क हॉस्पिटैलिटी नामक फर्म चलाती हैं, ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से शिकायत की। उन्होंने आरोप लगाया कि
वैभव मणि त्रिपाठी ने खुद को फैशन टीवी से जुड़ा बताते हुए कानपुर और
गोरखपुर में फ्रेंचाइजी दिलाने का प्रस्ताव दिया था।
जूही सिंह और उनके पति राकेश सिंह ने आरोपी के झांसे में आकर करीब एक करोड़ रुपये अलग-अलग
किस्तों में ट्रांसफर कर दिए। यह पैसा फ्रेंचाइजी, इंफ्रास्ट्रक्चर और सेटअप के नाम पर लिया गया था।
कंपनी ने किया साफ इनकार
जब पीड़ितों को शक हुआ तो उन्होंने फैशन टीवी कंपनी से संपर्क किया।
कंपनी ने साफ तौर पर किसी भी तरह के
अनुबंध या भुगतान से इनकार कर दिया। इसके बाद मामले की गंभीरता सामने आई।
जांच में यह भी पुष्टि हुई कि दिए गए अनुबंध पत्र पर हस्ताक्षर फर्जी थे
, जिसे हस्तलेखन विशेषज्ञ ने भी प्रमाणित किया।
पुलिस अब करेगी बड़ा खुलासा
रामगढ़ताल पुलिस आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर शहर ला रही है और
जल्द ही इस पूरे रैकेट का बड़ा खुलासा किया जाएगा।
आशंका है कि इस गिरोह ने देशभर में कई लोगों को इसी तरह ठगा है
और ठगी की रकम करोड़ों में हो सकती है।
लोगों के लिए जरूरी चेतावनी
यह मामला उन लोगों के लिए एक बड़ी चेतावनी है जो बड़े ब्रांड के
नाम पर जल्दी निवेश करने का निर्णय लेते हैं।
किसी भी फ्रेंचाइजी में निवेश करने से पहले कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट,
रजिस्ट्रेशन और दस्तावेजों की पूरी जांच करना बेहद जरूरी है।
