
गोरखपुर के गोला तहसील क्षेत्र में स्थित विकास खंड बड़हलगंज के प्राथमिक विद्यालय भींटी बाल में होली 2026 का पर्व बड़े ही धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया। यह रंगों भरा त्योहार न केवल खुशियां बांटता है, बल्कि आपसी प्रेम, सौहार्द और भाईचारे का संदेश भी देता है। प्रधानाध्यापक हरी लाल निषाद के नेतृत्व में शिक्षक, शिक्षिकाएं और बच्चे सभी एकजुट होकर इस अवसर पर अबीर-गुलाल लगाकर गले मिले, जिससे विद्यालय परिसर रंग-बिरंगे फूलों की तरह सजा नजर आया। होली जैसे पवित्र पर्व पर स्कूल में आयोजित इस समारोह ने न केवल बच्चों के चेहरों पर मुस्कान बिखेरी, बल्कि सामाजिक एकता का अनुपम उदाहरण भी प्रस्तुत किया।
होली का महत्व: प्रेम और भाईचारे का संदेश
प्रधानाध्यापक हरी लाल निषाद ने अपने संबोधन में स्पष्ट कहा कि होली आपसी भाईचारे, प्रेम व सौहार्द का प्रतीक त्योहार है। उन्होंने बताया कि इस पर्व में लोग पुरानी नफरतों को भूलकर एक-दूसरे से गले मिलते हैं, जिससे सामाजिक बंधन और मजबूत होते हैं। होली 2026 के इस अवसर पर उन्होंने बच्चों और शिक्षकों से अपील की कि त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से मनाएं, ताकि इसका सकारात्मक संदेश समाज तक पहुंचे। यह संदेश आज के दौर में विशेष रूप से प्रासंगिक है, जब सामाजिक सद्भाव की आवश्यकता सर्वाधिक है। बड़हलगंज क्षेत्र में ऐसे आयोजन ग्रामीण शिक्षा को सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ते हैं।
विद्यालय में होली समारोह की झलकियां

विद्यालय परिसर में सुबह से ही होली का उत्साह छाया रहा। शिक्षक-शिक्षिकाओं ने बच्चों के साथ मिलकर रंगों की होली खेली, जहां हंसी-ठिठोली और गीत-संगीत का दौर चला। अबीर-गुलाल उड़ाते हुए सभी एक-दूसरे को होली की बधाई दी। इस समारोह में प्रधानाध्यापक हरी लाल निषाद के अलावा धर्मेंद्र कुमार राव, अर्चना जायसवाल, सरिता देवी, मालती देवी, सोनमती और प्रेमबाला सहित सभी स्टाफ सदस्यों ने सक्रिय भागीदारी की। बच्चे भी उत्साहित दिखे, जिन्होंने रंगों से सजे चेहरों के साथ नाच-गाए। यह आयोजन न केवल मनोरंजन का साधन बना, बल्कि बच्चों में त्योहार की भावना को जागृत करने का माध्यम भी सिद्ध हुआ।
भाग लेने वालों की सूची और शुभकामनाएं
समारोह में प्रमुख रूप से हरी लाल निषाद (प्रधानाध्यापक), धर्मेंद्र कुमार राव, अर्चना जायसवाल, सरिता देवी, मालती देवी, सोनमती, प्रेमबाला उपस्थित रहीं। सभी ने एक-दूसरे को गले लगाकर होली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। बच्चों ने भी शिक्षकों के साथ मिलकर रंगों की बौछार की, जिससे माहौल खुशी से भर गया। यह सामूहिक उत्सव ग्रामीण क्षेत्रों में होली के पारंपरिक स्वरूप को जीवंत रखता है। बड़हलगंज जैसे क्षेत्रों में ऐसे कार्यक्रम सामुदायिक एकता को बढ़ावा देते हैं।
होली 2026: शांतिपूर्ण मनाने की अपील
होली के इस पर्व पर प्रधानाध्यापक ने विशेष जोर दिया कि त्योहार को शांतिपूर्ण तरीके से मनाएं। उन्होंने बच्चों को समझाया कि रंगों के साथ-साथ सकारात्मक ऊर्जा का प्रसार करें, न कि किसी प्रकार का विवाद। गोरखपुर जिले में होली समारोहों के बीच यह संदेश सराहनीय है। प्राथमिक विद्यालय भींटी बाल का यह आयोजन अन्य स्कूलों के लिए प्रेरणा स्रोत बन सकता है। होली के माध्यम से शिक्षा और संस्कृति का संगम देखने को मिला।