मथुरा हादसे में 19 लोगों की मौत
उत्तर प्रदेश के मथुरा में सड़क हादसा दिल दहला देने वाला है। घने कोहरे से हुए चेन रिएक्शन हादसे में 19 लोगों की मौत हो गई। लाशें इतनी जल गईं कि पहचान मुश्किल हो गई – कटे हाथ, खोपड़ी और अधजले शरीर मिले। पहचान के लिए बोन मैरो और दांतों के पल्प से DNA टेस्ट किया जाएगा। 19 दिसंबर 2025 की यह घटना मथुरा-आगरा हाईवे पर हुई, जहां कई वाहन आपस में टकराए और आग लग गई। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह हादसा सर्दी में कोहरे से बढ़ते खतरों को उजागर करता है। परिवारों पर गहरा सदमा लगा है और लाशों की पहचान में दिन लग सकते हैं। पुलिस जांच कर रही है।
हादसे का पूरा विवरण: चेन रिएक्शन से त्रासदी
हादसा मथुरा-आगरा हाईवे पर सुबह हुआ। घना कोहरा था और विजिबिलिटी जीरो। मुख्य बातें:
- कई वाहन भिड़े – बस, कार, ट्रक।
- पहली टक्कर से चेन रिएक्शन।
- आग लगी, वाहन जल गए।
- 19 मौतें – ज्यादातर जलकर।
- कटे हाथ, खोपड़ी और अधजली लाशें।
- घायल: 15+ , कई गंभीर।
फायर ब्रिगेड ने आग बुझाई, लेकिन तब तक बड़ा नुकसान हो चुका था।
पहचान की प्रक्रिया: बोन मैरो और दांतों से DNA
लाशें जलने से पहचान मुश्किल हो गई। मुख्य प्रक्रिया:
- बोन मैरो सैंपल।
- दांतों के पल्प से DNA।
- फॉरेंसिक लैब में टेस्ट।
- परिवारों से सैंपल मैचिंग।
- कई दिन लग सकते हैं।
डॉक्टरों ने कहा, “जलने से सामान्य पहचान असंभव।”
मुख्य कारण: घना कोहरा और लापरवाही
यह हादसा कोहरे की वजह से हुआ। मुख्य कारण:
- विजिबिलिटी जीरो।
- तेज रफ्तार।
- ओवरटेकिंग की कोशिश।
- फॉग लाइट बंद।
- चेन रिएक्शन।
पुलिस ने ड्राइवरों पर लापरवाही का केस दर्ज किया।
परिवार का दर्द: सदमा और इंतजार
परिवारों पर गहरा सदमा:
- लाशें पहचान में नहीं।
- मां-बहन, पत्नी रो-रोकर बुरा हाल।
- कई परिवारों का घर उजड़ा।
- DNA रिपोर्ट का इंतजार।
- मुआवजा और न्याय की मांग।