उत्तर प्रदेश में 15 लाख शिक्षक और शिक्षणेत्त
यूपी शिक्षक कैशलेस इलाज, योगी सरकार घोषणा, 15 लाख शिक्षक लाभ, निजी अस्पताल कैशलेस ट्रीटमेंट, 448 करोड़ बजट, आयुष्मान भारत तर्ज, बेसिक माध्यमिक शिक्षा कर्मी, शिक्षणेत्तर कर्मचारी स्वास्थ्य योजना, उत्तर प्रदेश कैबिनेट फैसला,
योगी सरकार की बड़ी सौगात: कैशलेस इलाज योजना का विस्तार
उत्तर प्रदेश योगी आदित्यनाथ सरकार ने शिक्षकों और शिक्षा से जुड़े कर्मचारियों के लिए ऐतिहासिक फैसला लिया है। अब प्रदेश के बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग से जुड़े लगभग 15 लाख शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मी और उनके आश्रित परिवार सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ निजी अस्पतालों में भी कैशलेस इलाज करा सकेंगे। यह सुविधा आयुष्मान भारत योजना की तर्ज पर होगी, जहां इलाज पर कोई आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षक दिवस 2025 पर इसकी घोषणा की थी, जिस पर 29 जनवरी 2026 को कैबिनेट बैठक में मुहर लग गई। वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने प्रेसवार्ता में इसकी पुष्टि की। इस योजना पर सरकार कुल 448 करोड़ रुपये व्यय करेगी, जो शिक्षकों के स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करेगी।
योजना का दायरा और लाभार्थी कौन-कौन?
यह योजना बेसिक शिक्षा और माध्यमिक शिक्षा विभाग के सभी शिक्षकों और कर्मचारियों को कवर करेगी। इसमें शामिल हैं:
- बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों के शिक्षक
- माध्यमिक शिक्षा के एडेड और सेल्फ फाइनेंस स्कूलों के शिक्षक
- शिक्षणेत्तर कर्मी, शिक्षा मित्र, अनुदेशक, विशेष शिक्षक
- कस्तूरबा गांधी विद्यालयों की वार्डेन, पूर्णकालिक/अंशकालिक शिक्षक
- प्रधानमंत्री पोषण योजना के रसोइये
लाभ आश्रित परिवार के सदस्यों तक भी पहुंचेगा। माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने बताया कि माध्यमिक विभाग से जुड़े 2.97 लाख से अधिक लोगों को सीधे फायदा मिलेगा, जबकि इस हिस्से पर 89.25 करोड़ रुपये का अनुमानित खर्च है। कुल मिलाकर 15 लाख से अधिक लोग लाभान्वित होंगे। योजना में इनपेशेंट (IPD) ट्रीटमेंट कैशलेस होगा, जिसमें एम्पैनल्ड प्राइवेट अस्पताल शामिल होंगे।
घोषणा का इतिहास और कैबिनेट की भूमिका
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 5 सितंबर 2025 को शिक्षक दिवस पर कैशलेस इलाज की घोषणा की थी। तब उन्होंने कहा था कि शिक्षक और उनके परिवार बीमारी के समय आर्थिक परेशानी से मुक्त रहेंगे। घोषणा के बाद शिक्षक संगठनों ने जल्द अमल की मांग की। जनवरी 2026 में कैबिनेट बैठक में 32 प्रस्तावों में से 30 पर मुहर लगी, जिसमें यह योजना प्रमुख थी। कैबिनेट ने बेसिक और माध्यमिक दोनों विभागों के लिए अलग-अलग लेकिन समान सुविधा मंजूर की। यह फैसला राज्य कर्मचारियों की तरह शिक्षकों को भी स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने का प्रयास है।
योजना कैसे काम करेगी और क्या लाभ?
- कैशलेस प्रक्रिया: एम्पैनल्ड अस्पतालों में इलाज के दौरान कोई पेमेंट नहीं करना पड़ेगा।
- आयुष्मान भारत मॉडल: सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में इलाज उपलब्ध।
- परिवार कवर: शिक्षक के साथ पति/पत्नी, बच्चे और आश्रित माता-पिता लाभान्वित।
- आर्थिक राहत: पहले इलाज के लिए जेब से खर्च होता था, अब नहीं होगा।
- व्यय: कुल 448 करोड़ रुपये सालाना, जो सरकार वहन करेगी।
यह योजना शिक्षकों की मनोबल बढ़ाएगी और शिक्षा क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करेगी।
शिक्षकों और समाज पर प्रभाव
शिक्षक समाज की रीढ़ हैं, और उनकी स्वास्थ्य सुरक्षा से शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित होती है। यह फैसला 2027 चुनावों से पहले योगी सरकार की कल्याणकारी छवि को मजबूत करेगा। शिक्षक संगठनों ने फैसले का स्वागत किया है। योजना जल्द लागू होने की उम्मीद है, जिससे लाखों परिवारों को राहत मिलेगी
