121 विधानसभा सीटों पर रिकॉर्ड 64.46% से लगभग 65% मतदान हुआ है, जो चुनाव आयोग के अनुसार बिहार के पहले चरण के चुनावों में अब तक का सर्वाधिक मतदान है। इस बार पिछले चुनावों की तुलना में लगभग 8% ज्यादा मतदान देखा गया है। पहले चरण में कुल 3.75 करोड़ मतदाता थे, जिनमें से लगभग 2.42 करोड़ ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।
इस मतदान में महिला मतदाताओं की भागीदारी काफी अच्छी रही और युवाओं में भी उत्साह देखने को मिला। विभिन्न जिलों में मतदान के प्रतिशत में अंतर रहा, जैसे बेगूसराय में सबसे अधिक 67.32% मतदान हुआ, इसके बाद समस्तीपुर में 66.65%, मधेपुरा में 65.74%, मुजफ्फरपुर में 65.23%, और गोपालगंज में 64.96% मतदान दर्ज किया गया। राजधानी पटना में मतदान का प्रतिशत लगभग 55.02% रहा।
इस पहले चरण में कुल 1314 उम्मीदवार चुनावी दौड़ में थे, जिनमें प्रमुख नेता जैसे तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव, उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा और बिहार की सरकार के 16 मंत्री शामिल थे। सुरक्षा के व्यापक इंतजामों के बीच मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। तुलनात्मक रूप से यह वोटिंग 2000 के बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में हुए 62.57% मतदान के रिकॉर्ड को तोड़ने वाली है।
राजनीतिक विशेषज्ञ इस भारी मतदान को जनता के आक्रामक राजनीतिक सहभागिता और नीतिगत बदलावों की संभावनाओं के रूप में देख रहे हैं। अब सबकी निगाह 14 नवंबर को होने वाली मतगणना पर टिकी है, जो स्पष्ट करेगी कि इस रिकॉर्ड मतदान का लाभ किस गठबंधन को मिला है