एलपीजी संकट के बीच लखीमपुर खीरी
उत्तर प्रदेश में एलपीजी संकट के बीच एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। लखीमपुर खीरी जिले के पलिया क्षेत्र में चोरों ने गैस एजेंसी के गोदाम को निशाना बनाते हुए 108 एलपीजी सिलिंडर चोरी कर लिए। इस घटना ने न केवल प्रशासन बल्कि आम लोगों को भी हैरान कर दिया है, खासकर ऐसे समय में जब गैस सिलेंडर की कमी पहले से ही बनी हुई है।
रात के अंधेरे में दीवार तोड़कर दिया वारदात को अंजाम
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार रात चोरों ने बेहद सुनियोजित तरीके से करुणा गैस एजेंसी के गोदाम को निशाना बनाया। चोरों ने गोदाम की दीवार तोड़कर अंदर प्रवेश किया और बड़ी संख्या में सिलिंडर चोरी कर लिए।
शनिवार सुबह जब एजेंसी के कर्मचारी गोदाम पहुंचे तो वहां से सिलिंडर गायब देखकर उनके होश उड़ गए। तुरंत इसकी सूचना एजेंसी संचालक और पुलिस को दी गई, जिसके बाद मामले की जांच शुरू की गई।
108 सिलिंडर चोरी, ज्यादातर भरे हुए
एजेंसी संचालक के अनुसार चोरी हुए कुल 108 सिलिंडरों में से 98 सिलिंडर भरे हुए थे, जबकि 10 खाली थे। इतनी बड़ी संख्या में सिलिंडर चोरी होना इस बात की ओर इशारा करता है कि यह वारदात किसी संगठित गिरोह द्वारा अंजाम दी गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भरे हुए सिलिंडरों की बाजार में ज्यादा मांग होती है, जिससे इन्हें अवैध रूप से बेचने की आशंका भी जताई जा रही है।
एजेंसी संचालक ने दी तहरीर
इस मामले में गैस एजेंसी संचालक करुणा सिंह ने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। बताया जा रहा है कि
यह एजेंसी मोहल्ला सिंघहिया दुधवा रोड पर स्थित है, जबकि इसका गोदाम मकनपुर रोड पर बना हुआ है।
घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि
इतनी बड़ी चोरी बिना किसी सुरक्षा चूक के संभव नहीं है।
पुलिस जांच में जुटी, गिरोह की तलाश
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी
कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और संदिग्ध लोगों की पहचान करने की कोशिश कर रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस मामले का खुलासा किया जाएगा और दोषियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
एलपीजी संकट के बीच बढ़ी चिंता
प्रदेश में पहले से ही एलपीजी सिलिंडर की किल्लत और कालाबाजारी की शिकायतें सामने आ रही हैं।
ऐसे में 108 सिलिंडरों की चोरी ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।
इस घटना के बाद लोगों में गैस सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है। खासकर ग्रामीण और मध्यम वर्ग के
उपभोक्ताओं को इससे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस बड़ी चोरी ने गैस एजेंसियों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी
सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि
गोदामों में बेहतर सुरक्षा इंतजाम और निगरानी व्यवस्था जरूरी है, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
प्रशासन से भी उम्मीद की जा रही है कि वह
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सख्त कदम उठाएगा और
भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस योजना बनाएगा।
