मौलाना तौकीर रजा के करीबी और आईएमसी के प्रवक्ता डॉ. नफीस खान के अवैध बारातघर ‘रज़ा पैलेस’ को प्रशासन द्वारा पूरी तरह जमींदोज कर दिया गया है। प्रशासन ने यह कार्रवाई कानून के दायरे में रहकर, पूरी तैयारी और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में की। इस कार्रवाई ने शहरभर में हलचल मचा दी और यह एक बड़ा प्रशासनिक कदम माना जा रहा है, जिसका संबंध हालिया बरेली हिंसा में शामिल आरोपियों की अवैध संपत्तियों पर चल रही कड़ी कार्रवाई से है
कार्रवाई की पृष्ठभूमिडॉ. नफीस खान का यह बारातघर बरेली के किला थाना क्षेत्र के जखीरा इलाके में स्थित था। प्रशासनिक जांच में यह बात सामने आई थी कि यह बारातघर वक्फ की जमीन पर अवैध तरीके से बनाया गया था। इस संपत्ति का संचालन डॉ. नफीस अपने बहनोई शोएब बेग के साथ मिलकर करते थे। इस पर कई बार नोटिस भेजा गया था और पांच महीने पहले ही ध्वस्तीकरण का आदेश जारी कर दिया गया
प्रशासनिक अभियानसप्ताहांत को जिला प्रशासन, पुलिस और बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) की संयुक्त टीम ने इस अभियान को अंजाम दिया। तीन से चार बुलडोजरों और सात मजदूरों के साथ टीम ने दोपहर तीन बजे से लेकर रात आठ बजे तक कार्रवाई की और आखिरकार पूरा अवैध निर्माण ध्वस्त कर दिया गया। इस दौरान पहले इलाके की बिजली काटी गई और क्षेत्र को पूरी तरह सील कर पुलिस और पीएसी के जवानों की तैनाती की गई
विवाद और गिरफ्तारीडॉ. नफीस खान और उनके बेटे फरहान पर सोशल मीडिया के जरिए भीड़ को भड़काने के आरोप हैं और वे फिलहाल जेल में हैं। प्रशासन ने यह पूरी कार्रवाई कानून के अंतर्गत की है और बीडीए उपाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाते हुए नहीं, बल्कि नियमों के उल्लंघन पर हुई है। डॉ. नफीस के साथियों की अन्य संपत्तियों की भी जांच की जा रही है, जिन पर अवैध निर्माण का शक है
कानूनी और सामाजिक संकेतयह कार्रवाई बरेली हिंसा के बाद प्रशासनिक सख्ती का उदाहरण है, जिसमें साफ संकेत दिए गए हैं कि किसी भी अवैध निर्माण और अतिक्रमण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। स्थानीय लोगों के अनुसार, प्रशासनिक अमले ने पूरी पारदर्शिता के साथ यह अभियान चलाया। इस कार्रवाई से इलाके में कानून का डर और प्रशासन की तेजी का भी संदेश गया है
अवैध निर्माण की खुलासेकार्रवाई के दौरान रजा पैलेस की दीवार पर लगी नेम प्लेट से पता चला कि यह संपत्ति मुतवल्ली शोएब बेग (पूर्व पीसीएस अधिकारी) के नाम पर है, जिससे सुरक्षा एजेंसियों को दस्तावेज जांच में नई जानकारियां मिलीं। बताया गया कि इस अवैध निर्माण के पीछे कई विवादित स्वामित्व व कागजात हैं, जिनकी जांच चल रही है
भीड़ और सुरक्षाकार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में लोग जुट गए लेकिन पुलिस ने किसी को भी पास नहीं आने दिया। कार्रवाई के अंत तक बीडीए टीम ने दस्तावेजों की जांच, परिसर की सीलिंग और सभी अवैध हिस्सों को पूरी तरह ध्वस्त किया। पुलिस और पीएसी की मौजूदगी से इलाके में शांति बनी रही
भविष्य की कार्रवाईजिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि हिंसा और अवैध संपत्तियों के खिलाफ यह सख्त रवैया आगे भी जारी रहेगा। शहर में जो अन्य अवैध संपत्तियां और कब्जे होंगे, उनके खिलाफ भी इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद स्थानीय प्रशासन, पुलिस और बीडीए की संयुक्त टीमों द्वारा अन्य विवादित संपत्तियों की लिस्टिंग और जांच तेज कर दी गई है
यह पूरा घटनाक्रम प्रशासन की बदलती रणनीति, कानून का कड़ाई से पालन, और समाज में अवैध गतिविधियों के खिलाफ सरकार की कार्रवाई की मिसाल बना है