हालांकि, अभी तक इस दौरे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि भारत और चीन के बीच उच्च स्तरीय वार्ताओं के बाद इस दौरे की योजना बनाई जा रही है।
गलवान झड़प के बाद दोनों देशों के बीच संबंधों में तनाव आया है, और इस दौरे से दोनों देशों के बीच तनाव कम करने में मदद मिल सकती है। पीएम मोदी के चीन दौरे से दोनों देशों के बीच व्यापारिक और आर्थिक संबंधों को भी बढ़ावा मिल सकता है।
भारत और चीन के बीच व्यापारिक संबंधों में काफी संभावनाएं हैं, और इस दौरे से दोनों देशों के बीच सहयोग के नए अवसर खुल सकते हैं। हालांकि, यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि दोनों देश अपने मतभेदों को कैसे सुलझाते हैं और संबंधों को सुधारने के लिए क्या कदम उठाते हैं।
पीएम मोदी का चीन दौरा दोनों देशों के बीच संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत कर सकता है, और इससे दोनों देशों के बीच शांति और सहयोग को बढ़ावा मिल सकता है।