📰 बीएसएनएल का स्वदेशी 4जी नेटवर्क लॉन्च: प्रधानमंत्री बोले- दूरसंचार निर्माण का वैश्विक केंद्र बनेगा भारत
रांची/नई दिल्ली।
देश के दूरसंचार क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को झारखंड की धरती से भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) का स्वदेशी 4जी नेटवर्क लॉन्च किया। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने 92,600 अत्याधुनिक 4जी तकनीकी केंद्रों और 97,500 से अधिक मोबाइल टावरों का भी उद्घाटन किया। यह भारत की दूरसंचार क्रांति का नया अध्याय माना जा रहा है, जो आने वाले समय में देश की डिजिटल शक्ति को और मजबूत करेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अब भारत दूरसंचार उपकरण बनाने वाले चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो चुका है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि बीएसएनएल के इस स्वदेशी 4जी नेटवर्क से न केवल आत्मनिर्भर भारत अभियान को बल मिलेगा, बल्कि दुनिया में भारत की पहचान दूरसंचार उपकरण निर्माण केंद्र के रूप में होगी।
🚩 मोदी का बड़ा ऐलान – विदेशी तकनीक पर निर्भरता घटेगी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अब तक भारत विदेशी तकनीक पर निर्भर था। लेकिन अब देश के इंजीनियरों और वैज्ञानिकों ने मिलकर स्वदेशी तकनीक से 4जी नेटवर्क का विकास किया है। यह कदम भारत को उन देशों की श्रेणी में खड़ा करेगा जो दूरसंचार उपकरणों का उत्पादन स्वयं करते हैं।
उन्होंने कहा कि भारत अब टेलीकॉम उपकरण, मोबाइल नेटवर्क और संबंधित ढांचे के मामले में आत्मनिर्भर बनेगा। देश की यह उपलब्धि डिजिटल इंडिया मिशन को नई ऊँचाई पर ले जाएगी।
📡 97,500 से अधिक टावर, 30,000 गाँव जुड़ेंगे नेटवर्क से
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने झारखंड सहित देशभर में 97,500 से अधिक मोबाइल टावरों का भी उद्घाटन किया। उन्होंने बताया कि लगभग 30,000 गाँव, जो अब तक नेटवर्क से नहीं जुड़ पाए थे, अब बीएसएनएल के इस अभियान से मुख्यधारा में आ जाएंगे।
आदिवासी क्षेत्रों, पिछड़े इलाकों और सीमावर्ती ज़िलों में रहने वाले लोगों को इस योजना का विशेष लाभ मिलेगा। मोदी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि “कोई भी गाँव, कोई भी परिवार डिजिटल सुविधा से वंचित न रहे।”
💡 उपभोक्ताओं को 20 लाख नए कनेक्शन का लाभ
इस मौके पर प्रधानमंत्री ने बताया कि नए 4जी टावरों की शुरुआत से 20 लाख से अधिक नए उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा। तेज़ इंटरनेट, बेहतर कॉल क्वालिटी और नई सेवाओं का लाभ अब आम उपभोक्ता को भी मिलेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि यह नेटवर्क भविष्य में 5जी तकनीक के विस्तार का भी आधार बनेगा। आने वाले वर्षों में जब देशभर में 5जी सेवाएँ व्यापक होंगी, तब बीएसएनएल की यह स्वदेशी 4जी प्रणाली बड़ी भूमिका निभाएगी।
🔧 बीएसएनएल कर्मचारियों और इंजीनियरों की सराहना
प्रधानमंत्री मोदी ने बीएसएनएल के इंजीनियरों, वैज्ञानिकों और सहयोगी कंपनियों को विशेष बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सफलता उनके कठिन परिश्रम और नवाचार की देन है।
उन्होंने यह भी बताया कि लंबे समय तक सरकारी कंपनियों को नजरअंदाज़ किया गया, लेकिन वर्तमान सरकार ने बीएसएनएल को पुनर्जीवित करने के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं। इसी का परिणाम है कि आज बीएसएनएल स्वदेशी तकनीक से देशवासियों को सेवा देने के लिए तैयार है।
🏛 राजनीतिक तंज – कांग्रेस ने जनता को लूटने का कोई मौका नहीं छोड़ा
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने देश की जनता को लूटने का कोई मौका नहीं छोड़ा। दशकों तक शासन करने के बावजूद उन्होंने दूरसंचार क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में कोई ठोस काम नहीं किया।
मोदी ने कहा कि अगर कांग्रेस की नीतियाँ सही होतीं तो भारत बहुत पहले ही दूरसंचार उपकरण बनाने वाला वैश्विक केंद्र बन गया होता। लेकिन अब देश ने ठान लिया है कि “जो काम पिछली सरकारों ने नहीं किया, उसे हम करेंगे और नए भारत का निर्माण करेंगे।”
🌍 वैश्विक स्तर पर भारत की पहचान
प्रधानमंत्री ने बताया कि दुनिया के बहुत कम देश ऐसे हैं, जिनके पास अपनी स्वदेशी दूरसंचार तकनीक है। अब भारत भी इस सूची में शामिल हो गया है। यह न केवल भारत की तकनीकी क्षमता को दर्शाता है, बल्कि दुनिया को यह संदेश भी देता है कि भारत अब केवल उपभोक्ता देश नहीं, बल्कि उत्पादक देश भी है।
उन्होंने कहा कि एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के कई देश भविष्य में भारत की इस तकनीक का लाभ उठाएंगे। इससे भारत की अर्थव्यवस्था और निर्यात क्षमता में भी बड़ा इज़ाफ़ा होगा।
📊 30,000 करोड़ से अधिक का निवेश
मोदी सरकार ने बीएसएनएल को मज़बूत करने के लिए पिछले वर्षों में 30,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है। इससे कंपनी को नई ऊर्जा मिली है और वह फिर से प्रतिस्पर्धा में खड़ी हो रही है।
बीएसएनएल का यह नया 4जी नेटवर्क सिर्फ तकनीकी उपलब्धि ही नहीं है, बल्कि लाखों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी लेकर आएगा।
