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घटना का विवरणपीपीगंज थाना क्षेत्र के भुईधरपुर गांव में करीब दस दिन पहले एक दिल दहला देने वाली घटना घटी, जिसमें गांव की 50 वर्षीय महिला कलावती देवी की हत्या कर दी गई।
उनकी सिर कटी लाश उनके घर से महज 500 मीटर दूर सड़क किनारे मिली इस वीभत्स घटना के तुरंत बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है। शुक्रवार सुबह जब गांव के लोग अपने खेतों की ओर जा रहे थे, तो किसी ने सड़क किनारे झाड़ियों में पड़ी लाश देखी। लाश की पहचान कलावती देवी के रूप में हुई।मौके की स्थिति और पुलिस की शुरुआती कार्रवाईघटना की जानकारी मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया।
ग्रामीणों ने परिवार को सूचित किया और पुलिस को बुलाया गया। पुलिस घटनास्थल पर पहुंची, शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया पुलिस ने तत्परता से मामले की जांच शुरू की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि महिला की गर्दन किसी धारदार हथियार से एक ही झटके में काटी गई थी मौके पर पुलिस को एक हंसिया और एक झोला मिला,
जिसे हत्या में प्रयुक्त हथियार माना जा रहा हैपरिजनों ने यह स्पष्ट किया कि उक्त हंसिया और झोला उनका नहीं है।भय का असरघटना के दस दिन बाद भी गांव में डर और दहशत का माहौल कायम है। शाम होते ही गांव और आसपास के बाजारों में सन्नाटा पसर जाता है, व्यापार-व्यवसाय पर इसका सीधा असर पड़ रहा है।
लोग प्रमुख मार्गों से गुजरने से डर रहे हैं, बच्चे और बुजुर्ग भी अंधेरा होने से पहले ही घर लौट आते हैं।ग्रामीणों और परिवार का हालगांव के निवासी प्रदीप ने बताया कि गांव में किसी से कोई बड़ी दुश्मनी नहीं थी, लेकिन अब सभी लोग भयभीत हैं। संदीप यादव ने कलावती देवी के सरल और सज्जन स्वभाव के बारे में बताया, उनकी किसी से कोई अदावत नहीं थी। पड़ोसी गांव पचगहवां के पूर्व प्रधान कमलेश ने बताया कि डर के कारण, माता-पिता बच्चों को स्कूल भेजने से भी हिचकिचा रहे हैं –
सभी को भय है कि कहीं अगला शिकार कोई और निर्दोष न बन जाएजांच के विभिन्न एंगलपुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कई कोणों से जांच शुरू की। हत्या की वजह सामने लाने के लिए पुलिस की चार-पांच टीमें सक्रिय हैं। पुलिस ने कुछ स्थानीय तांत्रिकों और तंत्र-मंत्र की संभावना की भी जांच की, चूंकि मृतका के शरीर से गहने और सामान भी नहीं छीने गए फोरेंसिक सैम्पल जांच के लिए भेजे गये हैं।
संभावना यह भी जताई गई कि हत्या कहीं और की गई और शव को फेंक दिया गया। खोजी कुत्ते का व्यवहार भी पुलिस को हैरान कर गया। वहीं परिजनों, बहू उतरा देवी, भतीजे, तथा अन्य करीबी संबंधियों से भी लंबी पूछताछ की गई। एक युवक तथा गांव के कुछ अन्य लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही हैघटनास्थल की जांच, मीडिया और पुलिस कार्रवाईसीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है,
जिसमें कुछ संदिग्ध नजर आए हैं। शुरुआती जांच में पता चला है कि हत्या की वजह पारिवारिक विवाद, लेन-देन का झगड़ा, रिश्तों में तनाव, या तंत्र-मंत्र से जुड़ी हो सकती है। घटना के खुलासे के लिए पुलिस, एसओजी, क्राइम ब्रांच, और सर्विलांस टीम समेत पांच टीमें एक साथ काम कर रही हैंसामाजिक और मानसिक प्रभावघटना ने गांव एवं आसपास के इलाकों में लोगों के मन में गहरी छाप छोड़ी है।
सामाजिक और व्यापारिक जीवन प्रभावित हुआ है। तमाम परिवार, खासकर बच्चों और महिलाओं में असुरक्षा की भावना बढ़ गई है। गांव के लोगों में गहरी चिंता है कि सुरक्षा और कानून व्यवस्था के प्रयास कब रंग लाएंगे।अफवाहें और अंधविश्वासस्थानीय तांत्रिक रामविनय दुबे समेत गांव में सक्रिय तांत्रिक-समाज से भी पूछताछ की गई, क्योंकि कुछ लोगों को हत्या में तंत्र-मंत्र, बलि अथवा अंधविश्वास का एंगल भी नजर आया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, घटना के वक्त कलावती देवी ने नाक और कान में ज्वेलरी पहन रखी थी, जो सुरक्षित मिली, जिससे लूट की संभावना खारिज हुई और बलि/तंत्र-मंत्र की आशंका को बल मिला।परिवार की पीड़ा और अंतिम संस्कारपरिजनों और ग्रामीणों के लिए यह संकट की घड़ी थी।
कलावती देवी के पति की पहले ही मौत हो चुकी थी, बेटे भी बाहर रह रहे थे। शव की बरामदगी के बाद बेटे राजेश और जितेंद्र के गुजरात से न आ पाने की वजह से पौत्र पवन ने अंतिम संस्कार किया। गांव में शोक की लहर फैल गई। हर किसी की आंखों में डर और निराशा थीपुलिस की आगे की कार्रवाईपुलिस ने प्रगति रिपोर्ट जारी कर कहा कि जल्द ही हत्या का खुलासा किया जाएगा।
मोबाइल लोकेशन, सीडीआर, सीसीटीवी फुटेज के साथ-साथ गांव के हर छोटे-बड़े सुराग की जांच हो रही है। पुलिस का स्पष्ट दावा है कि कातिल अवश्य पकड़ा जाएगा और न्याय सुनिश्चित होगानिष्कर्षयह घटना एक तरफ ग्रामीण भारत में कानून व्यवस्था की चुनौतियों को दर्शाती है,
तो दूसरी तरफ समाज में डर और असुरक्षा की भावना को भी उजागर करती है। कलावती देवी की हत्या ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे भुईधरपुर और आसपास के क्षेत्रों की सामाजिक संरचना में गहरा प्रभाव डाला है, जिससे लोग सामान्य जीवन से दूर हो गए हैं।
इस दर्दनाक हादसे से न केवल एक परिवार उजड़ गया, बल्कि गांव की शांति, विश्वास और सामाजिक सौहार्द्र भी हिल गया। पुलिस और प्रशासन की जिम्मेदारी और बढ़ गई है कि वे जल्द से जल्द अपराधियों को पकड़कर ग्रामीणों का भरोसा पुनः प्राप्त करें