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जमाँ खान बिहार के कैमूर जिले की चैनपुर विधानसभा सीट से विधायक और नीतीश कुमार की सरकार में मंत्री हैं। वे लगातार दूसरी बार 90 फीसदी हिंदू आबादी वाले इलाके से विधायक बने हैं और चौथी बार मंत्री पद की शपथ ले चुके हैं। उन्होंने 2020 में पहली बार बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के टिकट पर चुनाव जीता था और बाद में जदयू में शामिल होकर नीतीश सरकार में मंत्री बने। जमाँ खान इस बात के लिए खास हैं कि उनकी सीट में मुस्लिम आबादी मात्र 10% है, बावजूद इसके उन्होंने लगातार जीत दर्ज की है जो उनकी गहरी जनसमर्थन और राजनीतिक कौशल को दर्शाता है। उन्होंने अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री के रूप में काम किया है और कुशल नेतृत्व के कारण उनका मंत्री पद पर विश्वास बरकरार है।
जमाँ खान का राजनीतिक सफर
जमाँ खान ने 2020 में बसपा के टिकट से चैनपुर की सीट जीती।
इसके बाद वे जदयू में शामिल हो गए और नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल में मंत्री बने।
वे लगातार दूसरी बार वही सीट जीतकर मंत्री बने हैं, और यह चौथी बार है जब उन्हें मंत्री पद की शपथ मिली है।
उनके लिए यह रिकॉर्ड है कि उन्होंने कैमूर जिले से लगातार चार बार मंत्री पद हासिल किया है, जो इस इलाके के अन्य नेताओं में नहीं हुआ।
सामाजिक और राजनीतिक महत्व
चैनपुर विधानसभा क्षेत्र में मुस्लिम आबादी मात्र 10% और हिंदू आबादी लगभग 90% है।
बावजूद इसके जमाँ खान का लगातार चुनाव जीतना उनके समृद्ध राजनीतिक नेटवर्क, सामाजिक समरसता और जनसमर्थन का संकेत है।
वे बिहार के उन कम मुस्लिम नेताओं में से एक हैं जिन्हें नीतीश कुमार ने अपनी सरकार में इस पैमाने पर भरोसा दिया है।
मंत्री पद और जिम्मेदारियां
जमाँ खान ने अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में सक्रिय भूमिका निभाई है।
चार बार मंत्री बनने का रिकॉर्ड रखते हुए वे बिहार सरकार के एक भरोसेमंद और प्रभावशाली मंत्री हैं।
उनका काम मुख्य रूप से क्षेत्रीय विकास, अल्पसंख्यकों के कल्याण, और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना है।
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