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“चमकता आलू का काला कारोबार… गोदामों में छुपाकर रखा गया लाल आलू, किसानों और ग्राहकों से हो रही ठगी”
📌 गोरखपुर से बड़ी खबर
गोरखपुर शहर में आलू का धंधा इन दिनों चर्चा में है। शहर की प्रसिद्ध महुआ मंडी में प्रतिदिन सैकड़ों क्विंटल आलू की खरीद–फरोख्त होती है। लेकिन यहां पर अब ऐसा काला खेल सामने आ रहा है, जिसने किसानों और उपभोक्ताओं दोनों को चिंता में डाल दिया है।
📌 कैसे हो रहा है खेल?
जांच में पता चला है कि मंडी के कई गोदामों में साधारण आलू को चमकदार और ताजा दिखाने के लिए रसायन और रंग का प्रयोग किया जा रहा है।
- बाहर से आलू सामान्य दिखाई देता है, लेकिन अंदर से इसका रंग लाल और खतरनाक हो जाता है।
- बताया गया कि इस काम में बिल्लौर, बांगरमऊ और कानपुर से आने वाले कारोबारी सबसे आगे हैं।
- रोजाना लगभग 150 टन आलू का कारोबार इसी मंडी से हो रहा है।
📌 किसानों और ग्राहकों के साथ ठगी
- किसान अपनी मेहनत का असली दाम नहीं पा रहे, क्योंकि सस्ते आलू को रंग–रोगन कर महंगा बेचा जा रहा है।
- ग्राहकों को ताजा और चमकदार आलू दिखाकर बेचा जाता है, लेकिन घर ले जाने पर वह जल्दी खराब हो जाता है।
📌 अपराधियों का नेटवर्क
यह कारोबार छोटे दुकानदारों के बस की बात नहीं है। इसके पीछे स्थानीय मंडी माफिया और बड़े व्यापारी गिरोह सक्रिय बताए जा रहे हैं।
- पुलिस सूत्रों के अनुसार, मंडी के कई गुप्त गोदाम ऐसे हैं जहां रात के समय ट्रकों से आलू उतारा जाता है और वहीं पर उस पर रंग–रोगन किया जाता है।
- इनमें से अधिकतर कारोबारी बाहर के जिलों से जुड़े हुए हैं, जिनके तार कानपुर, बरेली और बनारस तक फैले हैं।
- मंडी समिति की जानकारी में यह बात आ चुकी है और प्रशासन ने ऐसे कारोबारियों की पहचान शुरू कर दी है।
📌 कैसे पहचानें रंगा हुआ आलू?
विशेषज्ञों का कहना है कि:
- असली आलू धोने पर साफ होता है, लेकिन रंगा हुआ आलू पानी में डालते ही लाल रंग छोड़ने लगता है।
- सामान्य आलू की त्वचा हल्की और मुलायम होती है, जबकि रंगा आलू ज्यादा चमकदार और चिकना दिखाई देता है।
📌 प्रशासन की कार्रवाई
मंडी समिति और खाद्य विभाग ने कहा है कि जल्दी ही सख्त छापेमारी अभियान चलाया जाएगा। यदि किसी व्यापारी को दोषी पाया गया तो उसके गोदामों को सील किया जाएगा और कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी।
⚠️ फिशरमैन वर्ल्ड न्यूज़ चैनल की अपील
- आम जनता ऐसे चमकदार आलू खरीदने से पहले सावधानी बरतें।
- मंडी में आने वाले किसान और उपभोक्ता यदि इस तरह की गतिविधि देखें तो तुरंत प्रशासन को सूचना दें।
👉 यह आलू का खेल सिर्फ आर्थिक अपराध नहीं बल्कि जनस्वास्थ्य से जुड़ा खतरा है। अब देखना होगा कि प्रशासन कितनी तेजी से इन मंडी माफियाओं पर शिकंजा कस पाता है।