उत्तर प्रदेश की स्थिति कई क्षेत्रों में बदहाल है, विशेष रूप से स्वास्थ्य, सड़क, पार्क, और कानून व्यवस्था में गंभीर समस्याएं देखी जा रही हैं।स्वास्थ्य सेवा अत्यंत खराब है
, जहाँ अस्पतालों में ऑक्सीजन और एंबुलेंस जैसी मूलभूत सुविधाएं नदारद हैं, इससे नवजात बच्चों और अन्य मरीजों की जान जोखिम में पड़ रही है। कई जिलों में अस्पतालों की सेवा सुविधाएं लचर बताई जा रही हैं
, जिससे जनता को भारी कष्ट हो रहा है .सड़कें भी बदहाल स्थिति में हैं। रायबरेली के लालगंज-रायबरेली हाईवे सहित कई सड़कों पर बड़े गड्ढे और टूट-फूट के कारण आवागमन में समस्या हो रही है।
अधिकारी इस समस्या को ठीक करने की बजाय रास्तों को बंद कर रहे हैं, जिससे यात्रियों की असुविधा बढ़ रही है .शहरों में पार्कों की देखभाल और सफाई का अभाव है, जिससे लोग टहलने, व्यायाम करने या योग के लिए पार्कों का उपयोग करने से डरते हैं।
कई पार्क गंदगी और अव्यवस्था का अड्डा बन गए हैं, वहीं शाम को लाइट की कमी के कारण सुरक्षा भी खतरे में है। अवैध कब्जे भी पार्कों का उपयोग बाधित कर रहे हैं कानून व्यवस्था भी कमजोर है।
यहां तक कि उच्च पदाधिकारियों के परिवार के सदस्य भी सुरक्षित नहीं हैं, और सड़क पर हमलों व मारपीट की घटनाएं हो रही हैं, जिससे प्रदेश में कानून-व्यवस्था की गंभीर स्थिति दर्शाती है इन सभी समस्याओं के कारण उत्तर प्रदेश के लोग बुनियादी सुविधा, सुरक्षा और जीवन की गुणवत्ता के लिए संघर्ष कर रहे हैं,
और प्रशासन से इन मुद्दों के समाधान की कड़ी मांग है। ऐसे में स्वास्थ्य, सड़क, पर्यावरण और कानून व्यवस्था सुधारना अत्यंत आवश्यक है ताकि प्रदेश की स्थिति सुधारी जा सके।