प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में राष्ट्र के नाम संबोधन में देशवासियों से हर घर और हर दुकान को स्वदेशी का प्रतीक बनाने का आह्वान किया और कहा कि इससे देश की समृद्धि को नई शक्ति मिलेगी। उनका संदेश था कि हमें अपने जीवन में स्वदेशी वस्तुओं को प्राथमिकता देनी चाहिए और ‘मेड इन इंडिया’ उत्पाद अपनाकर आत्मनिर्भर भारत के आंदोलन को मजबूत बनाना चाहिए।
स्वदेशी का संदेश
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की स्वतंत्रता को स्वदेशी के मंत्र से जो ताकत मिली थी, वही शक्ति अब देश को समृद्धि देने में सहायक होगी। उन्होंने बताया कि आज हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में कई विदेशी चीजें जुड़ गई हैं, जिनसे मुक्ति पाना जरूरी है। हमें वह सामान खरीदना चाहिए, जिसमें देश के नौजवानों की मेहनत और बेटे-बेटियों का पसीना लगा हो, यानी मेड इन इंडिया उत्पाद। हर घर और हर दुकान को स्वदेशी से सजाना है, ताकि ‘गर्व से कहो, ये स्वदेशी है, गर्व से कहो, मैं स्वदेशी खरीदता हूं’ – यह हर भारतीय का स्वभाव बन जाए।
आम आदमी को 2.5 लाख करोड़ रुपये का फायदा
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में ताजा जीएसटी और आयकर सुधारों के कारण देशवासियों को होने वाले लाभ पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इनकम टैक्स छूट सीमा बढ़ाने और जीएसटी 2.0 लागू करने से पिछले एक साल में देश के आम नागरिकों की लगभग 2.5 लाख करोड़ रुपये की बचत हुई है। अब गरीब, किसानों, युवाओं, महिलाओं, दुकानदारों, उद्यमियों — हर वर्ग को सीधा लाभ मिलेगा। उदाहरण के लिए, मध्यमवर्गीय परिवार की मासिक खरीदारी पर 400-600 रुपए की सीधी बचत हो रही है।
जीएसटी 2.0 और कर सुधार
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जीएसटी 2.0 से व्यापार और उद्योग सरल बनेंगे तथा अलग-अलग राज्यों के टैक्स जाल से मुक्ति मिलेगी। व्यापारियों और दुकानदारों में नए बदलावों को लेकर उत्साह है, जिससे ग्राहकों को भी सामान सस्ता मिलेगा। पीएम मोदी ने कहा कि ‘नागरिक देवो भवः’ की भावना के साथ सरकार ने जनहित में यह सुधार किया है।
आर्थिक विकास और आत्मनिर्भर भारत
मोदी ने सभी राज्य सरकारों से आग्रह किया कि वे अपने-अपने राज्यों को आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी अभियान से जोड़ें, निवेश का माहौल बनाएं और निर्माण क्षेत्र को गति दें। भारत में बने प्रोडक्ट की क्वालिटी इतनी मजबूत होनी चाहिए कि दुनिया भारत को ‘ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब’ के रूप में देखे। उन्होंने कहा कि जब केंद्र और राज्य मिलकर आगे बढ़ेंगे, तो आत्मनिर्भर भारत का सपना पूरा होगा।
देशवासियों की भूमिका
प्रधानमंत्री के अनुसार, अब यह देश के हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह विदेशी वस्तुओं से दूरी बनाए और भारतीय उत्पादों को प्राथमिकता दे। ‘स्वदेशी’ अपनाने से देश का पैसा भी देश में रहेगा, जिससे रोजगार में वृद्धि होगी और स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। पीएम मोदी का संदेश था कि सिर्फ सरकार नहीं, बल्कि हर नागरिक और हर संस्थान इस दिशा में योगदान करे।
निष्कर्ष
पीएम मोदी का संबोधन देशवासियों को स्वदेशी को अपनाने, नई आर्थिक नीतियों के लाभ समझने और आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने की प्रेरणा देने वाला रहा। उन्होंने नवरात्रि और बजट उत्सव की शुभकामनाएं देते हुए अपने संबोधन को समाप्त किया, जिसमें आत्मबल, स्वदेशी अपनाने और देश के भविष्य को उज्ज्वल बनाने की अपील प्रमुख रही।