रक्षाबंधन पर बहनों से राखी बंधवाने जा रहे गोला के स्वर्ण व्यवसायी की दिल्ली में सड़क हादसे में मौत

राकेश शर्मा की रिपोर्ट

तेज रफ्तार ट्रेलर ने रैपिडो बाइक को मारी जोरदार टक्कर, घटनास्थल पर ही चली गई इंजीनियर विजय वर्मा की जान गोरखपुर/गोला

रक्षाबंधन पर्व पर बहनों से राखी बंधवाने के लिए लखनऊ जा रहे गोला उपनगर के स्वर्ण व्यवसायी, वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व सभासद अशोक वर्मा के बड़े पुत्र इंजीनियर विजय वर्मा (30) की शुक्रवार सुबह दिल्ली में दर्दनाक सड़क हादसे में मौत हो गई। हादसे की खबर मिलते ही गोला स्थित परिवार में कोहराम मच गया। घटना की सूचना मिलने के बाद परिजन तत्काल दिल्ली के लिए रवाना हो गए

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन जाते समय हुआ दर्दनाक हादसा

मिली जानकारी के अनुसार विजय वर्मा किसी कार्य से दिल्ली गए हुए थे। शुक्रवार सुबह वह रैपिडो बाइक से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन जा रहे थे, जहां से उन्हें ट्रेन पकड़कर लखनऊ पहुंचना था। इसी दौरान करीब सुबह आठ बजे रास्ते में एक तेज रफ्तार ट्रेलर ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।

टक्कर इतनी भीषण थी कि विजय वर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए और घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। आसपास मौजूद लोगों ने उनके मोबाइल फोन से संपर्क नंबर प्राप्त कर परिजनों को दुर्घटना की सूचना दी। अचानक मिली इस खबर से परिवार में मातम पसर गया।

बहनों से राखी बंधवाने के लिए लखनऊ जा रहे थे विजय

विजय वर्मा पांच भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर थे। उनकी बड़ी बहन रेखा, छोटी बहन डॉ. सुमन और छोटे भाई विशाल वर्मा लखनऊ में रहते हैं। वहीं उनकी एक बहन शालू का कुछ वर्ष पूर्व निधन हो चुका है।

रक्षाबंधन के पर्व पर विजय अपनी बहनों से राखी बंधवाने के लिए लखनऊ जाने की तैयारी में थे। इसी उद्देश्य से वह दिल्ली से ट्रेन पकड़ने के लिए रेलवे स्टेशन जा रहे थे। परिवार को उम्मीद थी कि पर्व पर भाई-बहन एक साथ मिलकर खुशियां साझा करेंगे, लेकिन रास्ते में हुए हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।

बीटेक की पढ़ाई के बाद पिता के स्वर्ण कारोबार में संभाल रहे थे जिम्मेदारी

विजय वर्मा ने बीटेक की पढ़ाई की थी। कोविड महामारी से पहले वह दिल्ली और लखनऊ में रहकर नौकरी करते थे। महामारी के बाद उन्होंने नौकरी छोड़कर अपने पिता अशोक वर्मा के स्वर्ण व्यवसाय में सहयोग करना शुरू कर दिया था।

वह गोला उपनगर के मुख्य चौक स्थित पारिवारिक स्वर्ण कारोबार की जिम्मेदारियां संभाल रहे थे। कारोबार के साथ-साथ वह सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय रहते थे। उनके निधन की खबर से गोला के व्यापारिक और सामाजिक क्षेत्र में भी शोक की लहर दौड़ गई।

पीछे छोड़ गए पत्नी, तीन वर्षीय पुत्र और एक वर्षीय पुत्री

विजय वर्मा विवाहित थे। उनके परिवार में पत्नी के अलावा तीन वर्षीय पुत्र और एक वर्षीय पुत्री हैं। अचानक हुई मौत से पत्नी, मासूम बच्चों और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जिस पर्व पर परिवार को भाई के आने और बहनों के साथ रक्षाबंधन मनाने की उम्मीद थी, उसी पर्व से पहले घर में मातम छा गया।

गोला में शोक की लहर

विजय वर्मा की सड़क दुर्घटना में मौत की खबर जैसे ही गोला पहुंची, बड़ी संख्या में व्यापारी, जनप्रतिनिधि और नगरवासी शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करने पहुंचने लगे।

विधायक राजेश त्रिपाठी, गिरधारीलाल स्वर्णकार, सभासद श्रवण वर्मा, शत्रुघ्न कसौधन, दिलीप कुमार उमर सहित अनेक लोगों ने विजय वर्मा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया और शोक संतप्त परिवार को इस कठिन घड़ी में ढांढस बंधाया।

रक्षाबंधन के मौके पर बहनों से राखी बंधवाने की खुशी लेकर लखनऊ जा रहे 30 वर्षीय विजय वर्मा का इस तरह अचानक दुनिया से चले जाना परिवार और परिचितों के लिए बेहद दुखद घटना बन गई। हादसे ने एक परिवार से उसका बेटा, पति और पिता छीन लिया, वहीं गोला के व्यापारिक और सामाजिक क्षेत्र ने भी एक युवा चेहरा खो दिया।